कुल 170 बंदियों का किया गया स्वास्थ्य परीक्षण, वितरित किये गए प्रिजनर हेल्थ कार्ड
हरदा : म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर एवं उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति जबलपुर के निर्देशानुसार प्रधान जिला न्यायाधीश व अध्यक्ष श्री अरविंद रघुवंशी के मार्गदर्शन में कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरदा द्वारा जिला जेल हरदा में शनिवार को विधिक सहायता शिविर और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया गया।
शिविर में जिला जेल, हरदा में निरूद्ध 34 दोषसिद्ध बंदियों से पैनल अधिवक्तागण व लीगल एड डिफेंस काउंसिल द्वारा वन-टू-वन काउंसलिंग की गई। बंदियों को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक किया गया तथा उन्हें अपील प्रस्तुत करने के संबंध में निःशुल्क विधिक सहायता की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी प्रदान की गई।
इसके साथ ही पैनल अधिवक्तागण व लीगल एड डिफेंस काउंसिल द्वारा विचाराधीन बंदियों से उनके प्रकरण के बारे में जानकारी लेते हुए उन्हें विधिक सहायता योजना के प्रावधानों के बारे में बताया गया। इस दौरान बताया गया कि वे भी निःशुल्क विधिक सहायता के पात्र है तथा यदि वे चाहे तो निःशुल्क विधिक सहायता अथवा सलाह, जिला प्राधिकरण द्वारा जिला जेल में स्थापित लीगल एड क्लीनिक में समय-समय पर प्राप्त कर सकते है।
शिविर में उपस्थित जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री सौरभ कुमार दुबे ने सभी दोषसिद्ध बंदियों से एक-एक कर उनके प्रकरणों की अपील किये जाने के संबंध में पूछताछ की गई तथा जिन बंदियों द्वारा अपील हेतु विधिक सहायता चाही गई
उनके विधिक सहायता के आवेदन एवं दस्तावेज तैयार करवाये गए तथा विचाराधीन बंदियों को विधिक सहायता योजना, नालसा टोल फ्री नंबर 15100, लीगल एड क्लीनिक योजना, उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तृत रूप से बताया गया। शिविर में कुल 170 बंदियों को विधिक सलाह और 03 बंदियों को विधिक सहायता प्रदान की गई।
स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एच.पी. सिंह, जिला क्षय अधिकारी श्री मृत्युंजय सिंह गहलोेद, ई.एन.टी श्री राजेश सतीजा, डॉ. दीपक कुमार ठाकुर (मेडिसिन), डॉ. सुदर्शन मेडिकल आफिसर, दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनू चोरे, सर्जन डॉ. मोहित गुप्ता, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुश्री शाह, नेत्र रोग सहायक दीक्षा काशिव एवं स्वास्थ्य विभाग की पैरामेडिकल टीम उपस्थित रही।
टीम द्वारा महिला और पुरूष बंदियों की नाक, कान, गला, ब्लडप्रेशर, सुगर, टी.बी, दांत, हेपेटाईटिस की जांच की जाकर आवश्यकतानुसार दवाईयां वितरित की गई। स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में कुल 170 बंदियों 160 पुरूष एवं 10 महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान कोई भी बंदी विशिष्ट बीमारी एचआईव्ही, केंसर, टी.बी. हार्ट बीमारी आदि से ग्रसित नहीं पाया गया।
शिविर में उपस्थित सभी बंदियों के हेल्थ कार्ड (जिसमें उनकी बीमारी के विवरण के साथ, कैदी को क्या करना है, क्या नहीं करना है, क्या खाना है, क्या नहीं खाना है के विवरण सहित) तैयार करवाये गये तथा वितरित किये गये। कार्यक्रम में सहायक जेल अधीक्षक श्री संतोष हरयाल, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल श्री जवाहर पारे, डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल श्री अनीस खान, असिस्टेंट लीगल एड काउंसिल श्रीमती अंतिमा चोलकर,
पैनल लॉयर्स श्री आर.सी. सोनी और श्री अखिलेश राठौर, पैरालीगल वॉलेंटियर्स श्री ए.के. खरे और श्री मोहन जाट, जेल एवं जिला प्राधिकरण का स्टॉफ उपस्थित रहा।

