जल गंगा संवर्द्धन अभियान अंतर्गत नदियों के गहरीकरण का भी कार्य किया जाए
कृषक भ्रमण कार्यक्रम एवं कृषकों के सम्मान की जानकारी जनप्रतिनिधियों को दी जाए
जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में प्रभावी कार्य हो – केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री उइके
जिला प्रशासन के मिशन कोडशक्ति, विद्या आसन एवं कुपोषण से मुक्ति नवाचार सराहनीय
जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न
हरदा : भारत सरकार के अनुसूचित जनजाति कार्य विभाग के केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उईके ने कहा कि जल संकट के निदान के लिये अधिक से अधिक जल संवर्द्धन के कार्य किये जाएं। जल संवर्द्धन के लिये प्रत्येक व्यक्ति को संवेदनशील रहने की जरूरत है। आज के संचित जल से ही भविष्य में जल आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
उन्होने कहा कि जल संरक्षण की दिशा में युद्ध स्तर पर कार्य किये जाने की जरूरत है। जल गंगा संवर्द्धन अभियान के तहत नदियों के संरक्षण एवं गहरीकरण के लिये भी कार्य किया जाए। श्री उईके शुक्रवार को आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति ‘‘दिशा’’ की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
बैठक में पूर्व विधायक श्री संजय शाह, जिला भाजपा अध्यक्ष श्री राजेश वर्मा, कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंजली जोसेफ जोनाथन सहित समिति सदस्य व विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए विभाग द्वारा आयोजित किये जाने वाले कृषक भ्रमण कार्यक्रम एवं कृषकों के सम्मान कार्यक्रम में चयनित किये जाने वाले कृषकों की जानकारी जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये। साथ ही जिले में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की भी कृषि एवं संबंधित विभागों से अपेक्षा की गई।
कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन द्वारा जिले के स्कूलों में प्रारम्भ किये गये मिशन कोड शक्ति एवं विद्या आसन अभियान जैसे नवाचारों की सराहना की गई। इसके अलावा कुपोषित बच्चों को सुपोषण की श्रेणी में लाने के लिये जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों को दी गई जिम्मेदारियों की बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने सराहनीय कार्य बताया।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों की पूर्ति की स्थिति की जानकारी ली गई। श्री उईके ने कहा कि जिले में चिकित्सा एवं पेरामेडिकल स्टाफ की पूर्ति के लिये आवश्यक जानकारी का ड्राफ्ट उनको दिया जाए। इसी तरह स्कूलों में शिक्षकों की पदस्थापना की स्थिति पर भी श्री उईके ने समीक्षा की। साथ ही कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में बुनियादी शिक्षा की नींव मजबूत बने, इसके लिये वहां विषयवार शिक्षक नियुक्त किये जाएं।
प्राथमिक, मिडिल, हाई स्कूल एवं हायर सेकण्ड्री स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की प्रतिपूर्ति के लिये शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया जाए। प्रत्येक शिक्षक अपने शैक्षणिक कार्य की प्रतिदिन, साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक एवं वार्षिक कार्ययोजना की डायरी तैयार करे।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान आयुष्मान कार्डधारियों के लिये उपचार व्यवस्था की जानकारी ली गई। साथ ही जिले को सीएसआर से मिली दो आधुनिक सुविधा युक्त एम्बुलेंस की भी सराहना की गई। बैठक में कलेक्टर ने बताया कि जिले में ‘‘आधुनिक स्वास्थ्य और आधुनिक हरदा’’ अभियान चलाकर मरीजों को आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है।
इस दौरान श्री उईके ने न्यूनतम मूल्य पर मिलने वाली दवाईयों की ‘‘दवा इंडिया’’ जैसी दुकानों का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँचाने की स्वास्थ्य विभाग से अपेक्षा की। बैठक में शहरी क्षेत्रों में पेयजल एवं प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना की स्थिति की भी जानकारी ली गई। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा अंतर्गत रोजगार की उपलब्धता, मजदूरों को मजदूरी का भुगतान, ग्रामीण आवास योजना एवं जल गंगा संवर्द्धन अभियान की भी समीक्षा की गई।
जिले के कमजोर नेटवर्क वाले क्षेत्रों में नेटवर्क की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये बीएसएनएल के अधिकारियों को निर्देश दिये गये। विद्युत विभाग के अधिकारी ने बताया कि सोडलपुर में विद्युत उपकेन्द्र प्रारम्भ होने से क्षेत्र में विद्युत वॉल्टेज की समस्या का समाधान होगा। बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत किये जा रहे कार्यों की भी जानकारी ली गई।
इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनार्न्तगत लंबित दावों के भुगतान की स्थिति, मृदा स्वास्थ्य कार्ड से किसानों को मिल रहे लाभ की स्थिति एवं कृषि विभाग अंतर्गत ड्रिप स्प्रिंकलर सिस्टम से लाभान्वित हितग्राहियों की जानकारी भी ली गई।

