मकड़ाई एक्सप्रेस 24 भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 16 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में भारी बारिश की स्थिति बन सकती है, जबकि कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने का अनुमान है।
इन जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के जिला-वार पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना भी है।
हरदा का मौसम
हरदा जिले में 16 अगस्त को हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी दी है। आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधि बढ़ने की संभावना भी बनी हुई है।
नर्मदापुरम का मौसम
नर्मदापुरम संभाग में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
बैतूल का मौसम
बैतूल जिले में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। पहाड़ी एवं घाट क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
देवास का मौसम
देवास जिले में भी बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। गरज-चमक के साथ बारिश होने के कारण लोगों को मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
खंडवा का मौसम
खंडवा जिले में भी बारिश और गरज-चमक की संभावना है। नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
भोपाल का मौसम
राजधानी भोपाल में 16 अगस्त को आंशिक रूप से बादल छाए रहने तथा बारिश या गरज-चमक की संभावना है। IMD के शहरवार पूर्वानुमान में न्यूनतम तापमान करीब 22°C और अधिकतम तापमान करीब 27°C रहने का अनुमान है।
अगले कुछ दिनों तक बना रहेगा बारिश का असर
IMD के जिला-वार पूर्वानुमान में 17 और 18 अगस्त को भी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। हरदा सहित कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है।
प्रशासन की अपील
बारिश के दौरान नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचें। किसान अपनी फसल और कृषि उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD)

