हरदा में बलाई महासभा ने उठाया बड़ा मुद्दा: “अपना स्थान नहीं तो समाज के कार्यक्रम कैसे हों?” प्रशासन से शासकीय भूमि की मांग
हरदा। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जहां जिलेभर में तिरंगा शान से लहराया, वहीं हरदा में अखिल भारतीय बलाई महासभा ने अपने स्थायी सामाजिक स्थान की मांग को लेकर प्रशासन का दरवाजा खटखटाया।
अखिल भारतीय बलाई महासभा के युवा जिला अध्यक्ष (हरदा शहरी) कालीचरण भमोरे 15 अगस्त की सुबह करीब 8:20 बजे कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने महासभा की ओर से अपर कलेक्टर पुरुषोत्तम कुमार को आवेदन सौंपकर समाज की प्रमुख मांग प्रशासन के सामने रखी।
“अपनी जमीन नहीं, इसलिए गतिविधियों में परेशानी”
महासभा का कहना है कि हरदा जिले में संगठन के पास अपना कोई निर्धारित स्थान या भूमि नहीं है। ऐसे में सामाजिक कार्यक्रमों, बैठकों और राष्ट्रीय पर्वों पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के लिए स्थायी व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
महासभा ने शासन से शासकीय भूमि आवंटित करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि भूमि उपलब्ध होने के बाद शासन के सभी नियमों का पालन करते हुए वहां ध्वजारोहण सहित समाजहित के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
अब संगठन विस्तार पर जोर
भूमि की मांग के साथ ही महासभा ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में भी कदम बढ़ाने की बात कही है। 15 अगस्त से 30 अगस्त तक सदस्यता एवं संगठन विस्तार अभियान चलाया जाएगा।
इस अभियान के तहत जिले के वरिष्ठजनों के साथ युवाओं को भी संगठन से जोड़ने और नए सदस्य बनाने पर जोर रहेगा। महासभा का उद्देश्य समाज को एकजुट कर शिक्षा, विकास और सामाजिक उत्थान से जुड़े कार्यों को गति देना है।
अब नजर प्रशासन के अगले कदम पर
महासभा पदाधिकारियों का कहना है कि समाज की ओर से अपनी मांग प्रशासन के समक्ष रख दी गई है। अब शासन द्वारा शासकीय भूमि उपलब्ध कराने को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।
महासभा का कहना है—स्थायी स्थान केवल जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि समाज को संगठित करने और भविष्य की गतिविधियों को दिशा देने का केंद्र बनेगा।

