चित्रकूट/सतना। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित तीर्थनगरी चित्रकूट में लगातार करीब 14 घंटे की मूसलाधार बारिश के बाद हालात बिगड़ गए हैं। गोरगी बांध टूटने के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और नदी करीब 30 फीट उफान पर पहुंच गई। कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है।
रामघाट समेत प्रमुख घाट जलमग्न
मंदाकिनी के तेज बहाव से रामघाट, भरतघाट और जानकीकुंड पूरी तरह जलमग्न हो गए। रामघाट का करीब 300 मीटर लंबा संपर्क पुल तेज बहाव में बह जाने से एमपी-यूपी के बीच आवागमन प्रभावित हुआ है।
घाट क्षेत्र की करीब 400 दुकानें और 25 छोटे-बड़े मंदिर पानी की चपेट में बताए जा रहे हैं। नयागांव राजमहल परिसर तक पानी पहुंच गया है, जबकि कई इलाकों में सड़कों पर 5 से 7 फीट पानी भरने से लोगों को नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।
रेलवे ट्रैक डूबा, 24 से ज्यादा ट्रेनें प्रभावित
भारी बारिश के कारण सतना जिले के मझगवां क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर पानी भर गया। इससे सतना-मानिकपुर रेल मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ है। आनंद विहार से रीवा जाने वाली ट्रेन समेत 24 से अधिक यात्री और एक्सप्रेस ट्रेनें घंटों देरी से चलने की जानकारी है।
रेस्क्यू में जुटी टीमें
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सुरक्षित निकालने के लिए SDRF और NDRF की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। प्रशासन ने निचले इलाकों को खाली कराने के साथ लोगों से नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
कई मार्ग बंद, नुकसान की खबर
सतना से चित्रकूट को जोड़ने वाले कई मार्ग बंद हो गए हैं। नागौद में थाने और पेट्रोल पंप तक पानी पहुंचने की सूचना है। वहीं कोठी में मकान गिरने से चार भैंस दब गईं, जिनमें से दो की मौत हो गई।
प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और राहत-बचाव कार्य लगातार जारी है।

