jhankar
ब्रेकिंग
हरदा की सड़कों पर गड्ढों का ‘राज’, जिम्मेदारों को क्यों नहीं दिख रही बदहाली? सर्व ब्राह्मण समाज ने विपट कॉलोनी के बगीचे में किया पौधारोपण सिराली में बच्चों को संस्कारों से जोड़ने की अनूठी पहल, शंकर मंदिर परिसर में शुरू होगी ‘सनातन संस्कार... शिक्षक दिवस पर गुर्जर समाज की शिक्षिकाओं का सम्मान, बेटियों को शिक्षित कर आगे बढ़ाने की ली शपथ बाइक सवार को बचाने में हरदा के डिप्टी कलेक्टर चोटील, प्राथमिक उपचार के बाद मिली छुट्टी हरदा-टिमरनी विधानसभा को जोड़ने वाली माचक नदी पर पुल तैयार, वर्षों पुरानी समस्या से ग्रामीणों को मिली... हंडिया पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 8.93 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ आरोपी गिरफ्तार, ₹1.38 लाख का माल जब्त मध्य प्रदेश में नर्मदा उफान पर, जबलपुर से खंडवा तक हाई अलर्ट, अगले 24 घंटे सबसे भारी 🌊हंडिया में नर्मदा ने पकड़ी रफ्तार: हर घंटे बढ़ रहा जलस्तर, 3 घंटे में 4 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के विद्यार्थियों ने सीखी मिट्टी के गणेश प्रतिमा बनाना, पर्यावरण संरक्षण क...

सिराली में बच्चों को संस्कारों से जोड़ने की अनूठी पहल, शंकर मंदिर परिसर में शुरू होगी ‘सनातन संस्कार कार्यशाला’

सिराली। आधुनिकता के इस दौर में बच्चों को अपनी संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों से जोड़ने के उद्देश्य से सिराली में एक सराहनीय पहल की जा रही है। नगर के शंकर मंदिर परिसर में प्रत्येक रविवार को ‘सनातन संस्कार कार्यशाला’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बच्चों को भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म, नैतिक शिक्षा और जीवन मूल्यों की जानकारी दी जाएगी।

आचार्य पंडित दिनेश शर्मा ने बताया कि वर्तमान समय में नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना आवश्यक है। इसी उद्देश्य के साथ यह कार्यशाला प्रारंभ की जा रही है,

- Install Android App -

जहां बच्चों को संस्कार, अनुशासन, बड़ों का सम्मान, धार्मिक परंपराओं तथा भारतीय संस्कृति के विभिन्न पहलुओं की सरल और रोचक तरीके से जानकारी दी जाएगी। देश के विभिन्न हिस्सों में भी इस प्रकार की संस्कार कार्यशालाएं बच्चों में नैतिक शिक्षा और सांस्कृतिक चेतना विकसित करने का माध्यम बन रही हैं।

कार्यशाला का शुभारंभ 6 सितंबर से किया जा रहा है और यह प्रत्येक रविवार दोपहर 2 बजे से 3 बजे तक शंकर मंदिर परिसर, सिराली में आयोजित होगी। आयोजकों ने क्षेत्र के सभी माता-पिता से आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों को इस कार्यशाला से जोड़कर संस्कारयुक्त एवं जागरूक नागरिक बनाने में सहयोग करें।

समाज के प्रबुद्धजनों ने इस पहल को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियां बच्चों में नैतिक मूल्यों, पारिवारिक संस्कारों और सामाजिक जिम्मेदारियों की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।