सिराली में बच्चों को संस्कारों से जोड़ने की अनूठी पहल, शंकर मंदिर परिसर में शुरू होगी ‘सनातन संस्कार कार्यशाला’
सिराली। आधुनिकता के इस दौर में बच्चों को अपनी संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों से जोड़ने के उद्देश्य से सिराली में एक सराहनीय पहल की जा रही है। नगर के शंकर मंदिर परिसर में प्रत्येक रविवार को ‘सनातन संस्कार कार्यशाला’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बच्चों को भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म, नैतिक शिक्षा और जीवन मूल्यों की जानकारी दी जाएगी।
आचार्य पंडित दिनेश शर्मा ने बताया कि वर्तमान समय में नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना आवश्यक है। इसी उद्देश्य के साथ यह कार्यशाला प्रारंभ की जा रही है,
जहां बच्चों को संस्कार, अनुशासन, बड़ों का सम्मान, धार्मिक परंपराओं तथा भारतीय संस्कृति के विभिन्न पहलुओं की सरल और रोचक तरीके से जानकारी दी जाएगी। देश के विभिन्न हिस्सों में भी इस प्रकार की संस्कार कार्यशालाएं बच्चों में नैतिक शिक्षा और सांस्कृतिक चेतना विकसित करने का माध्यम बन रही हैं।
कार्यशाला का शुभारंभ 6 सितंबर से किया जा रहा है और यह प्रत्येक रविवार दोपहर 2 बजे से 3 बजे तक शंकर मंदिर परिसर, सिराली में आयोजित होगी। आयोजकों ने क्षेत्र के सभी माता-पिता से आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों को इस कार्यशाला से जोड़कर संस्कारयुक्त एवं जागरूक नागरिक बनाने में सहयोग करें।
समाज के प्रबुद्धजनों ने इस पहल को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियां बच्चों में नैतिक मूल्यों, पारिवारिक संस्कारों और सामाजिक जिम्मेदारियों की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

