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खेती किसानी: सोयाबीन पर प्रशासन की नजर, खेतों में उतरा जांच दल पीलापन और असामान्य धब्बों ने बढ़ाई चिंता, किसानों को समय पर रोग नियंत्रण की सलाह

हरदा। जिले में सोयाबीन फसल को लेकर प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन के निर्देश पर गठित मैदानी दल ने हरदा विकासखंड के कई गांवों में खेतों का सघन निरीक्षण कर फसल की स्थिति का जायजा लिया।

दल ने अबगांव खुर्द, भुवनखेड़ी, डमलाई, मांगरूल सहित नयापुरा, रातातलाई, खेड़ा और रेलवा में सोयाबीन फसलों का निरीक्षण किया। खेतों में पत्तियों का पीलापन, पौधों का मुरझाना, निचली पत्तियों का सूखना और पानी में उबली हुई जैसी पत्तियां दिखाई देने पर रोग की संभावनाओं को लेकर किसानों को सतर्क किया गया।

कृषि विशेषज्ञों ने अधिक नमी की स्थिति में राइजोक्टोनिया एरियल ब्लाइट की संभावना बताते हुए किसानों से खेतों की नियमित निगरानी करने और शुरुआती लक्षण दिखते ही नियंत्रण उपाय अपनाने की अपील की है।

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 किसानों के लिए खास सलाह

कृषि विभाग ने फफूंद, सफेद मक्खी, तना मक्खी और जीवाणु रोगों के नियंत्रण के लिए अनुशंसित दवाओं के उपयोग की सलाह दी है। साथ ही स्पष्ट कहा गया है कि कीटनाशक, फफूंदनाशी और जीवाणुनाशी को मनमाने तरीके से मिलाकर एक साथ छिड़काव न करें तथा दवाओं का प्रयोग लेबल पर दी गई मात्रा और कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार ही करें।

फसल में लक्षण दिखें तो देरी न करें—नजदीकी कृषि अधिकारी से संपर्क करें।