संदिग्धों को थाने ले जा रही पुलिस टीम पर हमला, आरोपी गिरफ्तार
भोपाल। कमला नगर थाना पुलिस 17 सितंबर की रात करीब 3:25 बजे 12 नंबर मल्टी से साइबर अपराध के तीन संदिग्धों को अभिरक्षा में लेकर थाने लौट रही थी। खुशी लाल रोड पर बॉशिंग सेंटर के सामने कैलादेवी मेडिकल तिराहे के पास दो कारें – एक बिना नंबर की काली कार और एक फॉर्च्यूनर – सड़क पर खड़ी थीं, जिनके पास चार लोग मौजूद थे।
कैसे शुरू हुआ विवाद…?
पुलिस टीम में एसआई सुनील कुमार, आरक्षक दीपक शर्मा, प्रधान आरक्षक लोकेंद्र सिंह राजपूत और प्रधान आरक्षक सुनील कुमार दीवानगी शामिल थे। एसआई सुनील कार चला रहे थे। बताया जा रहा है कि ठाकुर और शकील मंसूरी नाम के दो युवक धक्का-मुक्की करते हुए पुलिस की कार के सामने आ गए। एसआई ने कार रोककर बीच सड़क पर खड़े होने का कारण पूछा तो हेमंत ठाकुर ने गाली-गलौज शुरू कर दी।
वर्दी की पहचान के बाद भी मारपीट
एसआई ने बताया कि वे पुलिसकर्मी हैं और संदिग्धों को थाने ले जा रहे हैं, आरक्षक दीपक ने भी वर्दी में होने की जानकारी दी, लेकिन दोनों आरोपी नशे में थे और बहस करते रहे। इसी दौरान आरक्षक दीपक कार से बाहर निकले तो हेमंत और शकील ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने आए एसआई सुनील और प्रधान आरक्षक लोकेंद्र के साथ भी तीसरे साथी ने मिलकर मारपीट, गाली-गलौज और धमकी दी। पुलिसकर्मियों ने कई बार खुद को कमला नगर थाने का स्टाफ बताया, लेकिन आरोपी नहीं माने।
पुलिस ने ऐसे काबू किया
घटना के बाद पुलिस टीम ने थाने के अन्य स्टाफ को फोन कर मौके पर बुलाया और स्टाफ की मदद से तीनों को काबू कर डायल-112 के जरिए थाने लाया गया। पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा और मारपीट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर हेमंत ठाकुर और उसके साथियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। सूत्रों के मुताबिक हेमंत ठाकुर का नाम गुंडा लिस्ट में शामिल है।

