विश्वकर्मा जयंती पर लोगो ने अपने व्यापारिक संस्थानो मे मशीनो और कारीगरो ने औजारो का पूजन किया
हरदा। भगवान विश्वकर्मा की आराधना के साथ गुरुवार को शहर में आस्था और उत्साह का माहौल रहा। श्री विश्वकर्मा समाज सेवा समिति द्वारा विश्वकर्मा पूजन दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।
समाजजनों ने सुबह विधिवत पूजा-अर्चना की। समाज के वरिष्ठजनों ने भगवान विश्वकर्मा के जीवन, योगदान और आदर्शों पर बात रखी। समाज में एकता, आपसी सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी मजबूत करने का आह्वान किया गया।
पूजा के बाद शहर के प्रमुख मार्गों से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। भगवान विश्वकर्मा के जयकारों से शहर का माहौल गूंज उठा। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। महिलाएं भी साथ चल रही थीं, जगह-जगह समाजजनों ने शोभायात्रा का स्वागत किया। श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे।
कार्यक्रम में बच्चों के लिए सांस्कृतिक आयोजन भी हुए, जिसमें बच्चों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। समाज अध्यक्ष बसंत विश्वकर्मा ने कहा कि समाज ने एकजुटता बनाए रखने का संकल्प लिया है। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की बात कही। समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प भी दोहराया गया। अंत में भगवान विश्वकर्मा की प्रसादी बांटी गई। आयोजन का समापन श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकजुटता के संदेश के साथ हुआ।
विश्वकर्मा जयंती पर निर्माण औद्योगिक संस्थाओं द्वारा अपने मशीनों और कारीगर औजारों का विशेष रूप से पूजन किया गया संस्थान में काम करने वाले कर्मचारी अन्य उत्साह से इन आयोजन में भाग लिया और एक दूसरे को शुभकामनाएं दी।
सृष्टि के पहले शिल्पी और इंजीनियर
भगवान विश्वकर्मा को इस सृष्टि का पहला शिल्पी माना जाता है और वही सबसे पहले इंजीनियर हैं जिन्होंने सृष्टि की रचना में शिल्प कला और निर्माण मे विशेष सहयोग दिया है।

