पाकिस्तान में सियासी घमासान तेज, इमरान की रिहाई के लिए PTI का इस्लामाबाद मार्च, सेना ने मोर्चा संभाला
पाक में सरगर्मी बढ़ी, सड़कों पर सियासत
पाकिस्तान में सियासी पारा एक बार फिर चढ़ गया है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने खैबर पख्तूनख्वा से इस्लामाबाद तक लॉन्ग मार्च शुरू कर दिया है। इस मार्च ने शहबाज शरीफ सरकार और आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की टेंशन बढ़ा दी है।
कहां से शुरू हुआ मार्च और अब कहां पहुंचा
PTI का यह मार्च 4 अक्टूबर को लक्की मरवत के गांधी चौक से शुरू हुआ था।
– 5 अक्टूबर- काफिला करक से निकलकर कोहाट के पास रुका
– 6 अक्टूबर (आज)- कोहाट, हंगू, कुर्रम और ओरकजई के हजारों समर्थक इसमें शामिल हुए। खबर है कि काफिला अब पेशावर की ओर बढ़ रहा है और आज रात मट्टानी के पास रुकेगा।
– 7-8 अक्टूबर- पेशावर के बुध बैर, कोहाट रोड ब्रिज, चारसड्डा और मोहमंद होते हुए काफिला खैराबाद पहुंचेगा। खैराबाद में PTI नेतृत्व अगले आंदोलन का ऐलान करेगा।
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सुहैल अफरीदी खुद इस मार्च को लीड कर रहे हैं। PTI का दावा है कि 5000 से ज्यादा लोग पैदल इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहे हैं।
मुनीर ने उतारी सेना, 2000 जवान तैनात
पेशावर से भेजी गई रिपोर्ट के मुताबिक हालात को देखते हुए पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने फ्रंटियर कॉर्प्स को मोर्चे पर उतार दिया है। सूत्रों के अनुसार रूट पर लगभग 2 हजार सैनिक तैनात किए गए हैं।
सेना ने 2 अक्टूबर को हुई 277वीं कोर कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में साफ चेतावनी दी थी कि 9 मई 2023 जैसी हिंसा दोहराने की कोशिश को “निर्णायक बल से कुचला जाएगा”। गौरतलब है कि 2023 में इमरान की गिरफ्तारी के बाद पूरे पाकिस्तान में सेना के ठिकानों पर हमले हुए थे।
सरकार और PTI की बातचीत फेल
मार्च से पहले सरकार और PTI के बीच दो दौर की बातचीत हुई। शनिवार शाम 4 बजे से रविवार तड़के तक चली बातचीत बिना नतीजे के खत्म हो गई।
PTI की मांग है –
1. जेल में बंद इमरान खान से परिवार और वकीलों को मिलने दिया जाए
2. निजी डॉक्टरों से उनका मेडिकल चेकअप कराया जाए
3. इमरान की बहनों और हिरासत में लिए गए 2000 कार्यकर्ताओं को रिहा किया जाए
सरकार ने मार्च रोकने के लिए इस्लामाबाद में धारा 144 लगा दी है। संसद भवन और हाईवे को कंटेनर लगाकर सील किया गया है। सरकार पर रोजाना 4.65 करोड़ रुपये का कंटेनर खर्च आ रहा है। खैबर पख्तूनख्वा में राष्ट्रपति शासन लगाने पर भी चर्चा हो रही है।
खैबर से आया अलर्ट, इमरान की तबीयत पर सवाल
खैबर पख्तूनख्वा के सीएम सोहेल अफरीदी ने कहा है कि सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि इमरान खान की रिहाई के लिए कोई भी कदम उठाया जाएगा।
73 साल के इमरान खान 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। उन पर भ्रष्टाचार और हिंसा भड़काने के 100 से ज्यादा केस हैं। 18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी आंखों की समस्या के चलते निजी अस्पताल में इलाज का आदेश दिया था।

