मकडा़ई एक्सप्रेस 24 नर्मदापुरम। जाते-जाते भी किसी की जिंदगी में उजाला कर जाना, इसे ही सच्चा परोपकार कहते हैं। नर्मदापुरम जिले की बेटी शिवानी शर्मा ने यह कर दिखाया है। सड़क हादसे में ब्रेन डेड होने के बाद भी उसने 3 लोगों को नया जीवन दे दिया।
छोटे से गांव की बड़ी मिसाल
शिवानी उर्फ बिलाश टांटी शर्मा, बनखेड़ी तहसील के ग्राम खापा खुर्द की निवासी थीं। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया था। इस असहनीय दुख की घड़ी में भी परिजनों ने हिम्मत दिखाते हुए अंगदान का फैसला लिया।
भोपाल एम्स में हुआ अंगदान
परिजनों के फैसले के बाद शिवानी को भोपाल एम्स ले जाया गया, जहाँ उसके अंगों से तीन जरूरतमंद मरीजों को नई जिंदगी मिली। यह पूरा प्रदेश में मानवता की अनोखी मिसाल बन गया है।
मुख्यमंत्री ने की सराहना
प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिवानी के परिवार के फैसले की दिल से सराहना की है। उन्होंने कहा –
> “शिवानी के परिजनों ने गहरे दुख में भी जो निर्णय लिया, वह मानवता के लिए सदैव स्मरणीय रहेगा। शिवानी का अंगदान तीन परिवारों के लिए नई उम्मीद बनकर आया है।”
सीएम ने कहा कि यह घटना दिखाती है कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी अंगदान को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। यह फैसला समाज के दूसरे लोगों को भी प्रेरित करेगा।
गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई
राज्य शासन के निर्देश पर शिवानी के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव खापा खुर्द लाया गया, जहाँ मध्यप्रदेश पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम सम्मान दिया। पूरे गांव ने नम आंखों से अपनी बेटी को विदाई दी, जो मरकर भी दूसरों के लिए जी गई।

