हरदा मे बेसुध है विभाग आमजन के स्वास्थ्य से हो रहा खिलवाड़
मकड़ाई एक्सप्रेस 24भोपाल । मध्यप्रदेश में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में प्रदेश में बिक रहे घी के 42 ब्रांड सैंपल में फेल हो गए हैं। जांच रिपोर्ट में इन ब्रांड्स को मानव स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाया गया है।
इसके साथ ही 8 तरह के मसालों के सैंपल भी अनसेफ मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन खाद्य पदार्थों का लगातार सेवन सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
बाजार से हटाया जा रहा है स्टॉक
विभाग ने असुरक्षित पाए गए सभी 42 ब्रांड के घी का बाजार में मौजूद स्टॉक वापस मंगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही इन ब्रांड्स की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी गई है। संबंधित निर्माताओं और विक्रेताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
इन जिलों से लिए गए थे सैंपल
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने पिछले कुछ महीनों में इंदौर, छिंदवाड़ा, धार, नर्मदापुरम, उज्जैन, दमोह, कटनी और दतिया सहित कई जिलों से घी और मसालों के नमूने एकत्र किए थे। इन नमूनों को राज्य खाद्य प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया था, जहां रिपोर्ट में खामियां उजागर हुईं।
प्रयोगशाला की रिपोर्ट में इंदौर में लिए गए 96 सैंपल में से 28 सैंपल फेल मिले हैं, जिनमें सीसे (लेड) की मात्रा तय मानक से 10 गुना तक अधिक पाई गई है।
इन ब्रांड्स से रहें सावधान
जांच में फेल हुए प्रमुख ब्रांड्स में अनिक, श्रीमूल एगमार्क शुद्ध घी, वास्तु एगमार्क देशी घी, गऊसंत प्रीमियम काउ घी, गुमर प्योर काउ घी, श्री शुद्ध एगमार्क प्योर घी, सात्विक फ्रेश देसी घी, एसआरएमआई मिल्क क्रीम, अमृत शुद्ध घी, नंद कृष्णा घी, मधुसूदन देशी घी, संगाथ काउ घी, ब्रजवासी काठ देशी घी, पतंजलि काउ घी, डेयरी सरस घी और जेबीएस ऑर्गी ब्रांड सहित अन्य 42 ब्रांड शामिल हैं।
विभाग की अपील
मप्र खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे खरीदारी करते समय एगमार्क और एफएसएसएआई लाइसेंस की जांच जरूर करें और संदिग्ध ब्रांड के उत्पादों से बचें। यदि किसी उत्पाद में मिलावट की आशंका हो तो विभाग के टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं।
हरदा में बेसुध है खाद्य विभाग, मिलावटी घी पर नहीं हो रही कार्रवाई
त्योहारी सीजन में प्रदेश के कई जिलों में किराना दुकानों पर बिक रहे घी के सैंपल लिए गए और जांच में बड़े पैमाने पर मिलावट पाई गई, लेकिन हरदा जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग अब तक बेसुध बना हुआ है। जिले में अभी तक न तो कोई सैंपलिंग अभियान चलाया गया है और न ही किसी दुकान की जांच की गई है।
विभाग की इस लापरवाही के चलते बाजार में खुलेआम मिलावटी और नकली घी की बिक्री होने की संभावना है। नवरात्रि और दीपावली के चलते घी की खपत कई गुना बढ़ गई है, ऐसे में मिलावटी घी का सेवन आम लोगों के स्वास्थ्य पर सीधा असर डाल सकता है यह जांच का विषय है। मिलावटी घी से पेट संबंधी बीमारियां, लिवर और हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि त्योहारों पर खाद्य विभाग को विशेष अभियान चलाकर जांच करनी चाहिए, लेकिन हरदा में अधिकारी कार्यालयों तक ही सीमित हैं। लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है और जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठा है।
( इंटरनेट से प्राप्त जानकारी के अनुसार)

