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जन्मदिन पर दिखावे और फिजूलखर्ची को कहा अलविदा, पेन-डायरी से रोशन होगा गरीब बच्चों का भविष्य

डॉ. विशाल सिंह बघेल की अनूठी पहल, बैनर-पोस्टर, केक और फूल-मालाओं पर खर्च करने के बजाय जरूरतमंद विद्यार्थियों को बांटेंगे शैक्षणिक सामग्री

हरदा। आज के दौर में जन्मदिन मनाने के लिए बड़े-बड़े बैनर, पोस्टर, होर्डिंग, केक, फूल-मालाओं और अन्य आयोजनों पर हजारों रुपये खर्च किए जाते हैं। लेकिन इसी परंपरा से हटकर डॉ. विशाल सिंह बघेल ने अपने जन्मदिन को समाजसेवा और शिक्षा के नाम समर्पित करने का प्रेरणादायक संदेश दिया है।

25 अक्टूबर को अपने जन्मदिन के अवसर पर डॉ. बघेल ने मित्रों, शुभचिंतकों और सहयोगियों से अपील की कि वे जन्मदिन पर अनावश्यक खर्च न करें। न तो फूल-माला लेकर आएं और न ही महंगे उपहार दें। इसके बजाय पेन, डायरी और किताबें लेकर आएं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जन्मदिन पर मिलने वाली समस्त शैक्षणिक सामग्री को स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब और जरूरतमंद बच्चों के बीच वितरित किया जाएगा, ताकि इन बच्चों की पढ़ाई में मदद मिल सके।

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डॉ. बघेल का मानना है कि जन्मदिन केवल व्यक्तिगत खुशी मनाने का अवसर नहीं, बल्कि समाज के लिए कुछ अच्छा करने का भी माध्यम बन सकता है। जिस धनराशि का उपयोग दिखावे और सजावट में होता है, उसी से किसी जरूरतमंद बच्चे की शिक्षा में सहयोग किया जा सकता है।

उन्होंने यह भी संकल्प व्यक्त किया कि भविष्य में भी वे अपना जन्मदिन इसी तरह सादगी और सेवा भावना के साथ मनाएंगे। बैनर-पोस्टर, केक और फूल-मालाओं के बजाय शिक्षा सामग्री को प्राथमिकता देंगे, ताकि समाज में भी इस तरह की सकारात्मक परंपरा विकसित हो।

एक जन्मदिन, अनेक बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने की पहल।

डॉ. विशाल सिंह बघेल की यह पहल समाज को संदेश देती है कि असली खुशी दिखावे में नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाने में है।