चंडीगढ़। अबोहर में रविवार को आम आदमी पार्टी ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ की कोठी के बाहर धरना देकर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान आप नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बीजेपी और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इडी के दुरुपयोग के आरोप लगाए। धरने में जिला प्रधान उपकार सिंह जाखड़, फाजिल्का के विधायक नरेंद्र पाल सवना, जलालाबाद के विधायक अमनदीप गोल्डी कंबोज, हल्का इंचार्ज अरुण नारंग सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे। नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार विपक्षी दलों को दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है और आम आदमी पार्टी के नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक विधायक नरेंद्र पाल सवना ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ईडी का दुरुपयोग कर आम आदमी पार्टी के नेताओं को डराने और दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आए दिन एजेंसियों के जरिए छापेमारी और कार्रवाई कर पंजाब का माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी इन दबावों से डरने वाली नहीं है और पंजाब के लोग बीजेपी की धक्केशाही के आगे झुकने वाले नहीं हैं। सवना ने विधायक संदीप जाखड़ पर भी तंज कसते हुए कहा कि उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि वह बीजेपी में हैं या कांग्रेस में।
वहीं जिला प्रधान उपकार सिंह जाखड़ ने कहा कि अरविंद केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को पहले भी झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की गई, लेकिन अदालतों ने समय-समय पर सच्चाई सामने रखी है। हल्का इंचार्ज अरुण नारंग ने कहा कि आम आदमी पार्टी लोकतंत्र और जनता की आवाज उठाने का काम करती रहेगी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दबाव बनाकर विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश लोकतंत्र के लिए ठीक संकेत नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।
विधायक अमनदीप गोल्डी कंबोज ने कहा कि सुनील जाखड़ पहले बीजेपी की नीतियों की आलोचना करते थे, लेकिन अब केंद्र सरकार के समर्थन में बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी नेताओं को पंजाब के लोगों के हितों की आवाज केंद्र सरकार तक पहुंचानी चाहिए और राज्य के रुके हुए फंड जारी करवाने चाहिए। आप नेताओं ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार को पहले किसान आंदोलन के दौरान पंजाब और किसानों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा था और आखिरकार कृषि कानून वापस लेने पड़े थे। नेताओं ने कहा कि पंजाब के लोग अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना जानते हैं और आने वाले समय में जनता बीजेपी को जवाब देगी।

