हरदा : कृषि विज्ञान केन्द्र प्रमुख डॉ. संध्या मुरे ने बताया कि जिले में कहीं-कहीं किसानों के खेतों में मूंग फसल में झुलसा (बेक्टेरियल बाइट) के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। उन्होने बताया कि इसमें तने एवं पत्तियों पर छोटे-छोटे भूरे रंग के धब्बे दिखाई देते हैं
साथ ही पत्तियां तथा शाखों का मुरझाना और काला पड़ जाना, वृद्धि में रुकावट आ जाना आदि लक्षण दिखाई देते है।एक ही खेत में लगातार मूंग उत्पादन के कारण भी यह समस्या हो सकती है। इसके नियंत्रण हेतु कॉपर ऑक्सिक्लोराइड का 2 ग्राम प्रति लीटर पानी के साथ में सुबह या शाम में छिड़काव करें
इसके पश्चात चार से पांच दिन के बाद पूर्व मिश्रित कवक नशी कॉपर ऑक्सिक्लोराइड 45 डब्लू पी एवं कासुगामइिसन 5 प्रतिशत का छिड़काव करें। साथ ही 2 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से 1 एकड़ में 150 से 200 लीटर पानी मे स्प्रे करें।

