फर्जी दस्तावेजों से भूमि रिकॉर्ड में हेरफेर और बैंक ऋण दिलाने के आरोप, शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से की तत्काल कार्रवाई की मांग
हरदा। ग्राम खेड़ी मेहमूदाबाद, खंडवा बायपास रोड स्थित एक निजी परिवर्तित भूमि से जुड़े मामले में प्रशासनिक जांच के बाद भी आपराधिक कार्रवाई लंबित होने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता मनोज कुमार धमनानी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया है कि भूमि के राजस्व रिकॉर्ड में कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हेरफेर कर नाम दर्ज किए गए और इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण भी प्राप्त किया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, मामले को लेकर वर्ष 2024 में मुख्यमंत्री एवं लोकायुक्त स्तर तक शिकायत पहुंचने के बाद कलेक्टर हरदा द्वारा विस्तृत जांच कराई गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि जांच प्रतिवेदन में राजस्व रिकॉर्ड में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद संबंधित राजस्व प्रविष्टियों को रिकॉर्ड से हटाया गया तथा तत्कालीन तहसीलदार के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा भी की गई।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि मामले में अनिल वशिष्ठ एवं प्रकाशचंद्र वशिष्ठ सहित अन्य लोगों द्वारा राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कथित मिलीभगत कर दस्तावेज तैयार कराए गए और उनके आधार पर भूमि संबंधी रिकॉर्ड में बदलाव कराया गया।
इन दस्तावेजों के आधार पर बैंक से KCC ऋण प्राप्त करने तथा शासन एवं भूमि स्वामी के साथ धोखाधड़ी किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
27 अप्रैल को FIR के लिए दिया आवेदन
शिकायतकर्ता ने बताया कि जांच के बाद 27 अप्रैल 2026 को दोषियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के लिए कलेक्टर को आवेदन दिया गया था। इसके बाद कलेक्टर द्वारा 3 जून 2026 को आवश्यक कार्रवाई के लिए एसडीएम हरदा को आवेदन भेजा गया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि दो माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद FIR दर्ज नहीं हुई है।
वहीं, जांच में शासन को होने वाली राजस्व एवं स्टाम्प शुल्क की कथित हानि का उल्लेख होने के बावजूद संबंधित राशि की वसूली भी लंबित बताई गई है। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि जब जांच में अनियमितताएं सामने आ चुकी हैं और राजस्व रिकॉर्ड में सुधार की कार्रवाई भी हो चुकी है, तो आपराधिक कार्रवाई और राजस्व वसूली में देरी क्यों हो रही है।
तत्काल FIR और वसूली की मांग
शिकायतकर्ता मनोज कुमार धमनानी ने उपलब्ध जांच प्रतिवेदन एवं अभिलेखों के आधार पर सभी जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल FIR दर्ज करने तथा शासन को हुई राजस्व क्षति की वसूली सुनिश्चित करने की मांग की है। अब मामला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिका है।
नोट: उक्त खबर ओर आरोप से संबंधित दस्तावेज मकड़ाई एक्सप्रेस के पास भी सुरक्षित है।

