jhankar
ब्रेकिंग
हंडिया : गणपति विसर्जन! प्रशासन की मुस्तैदी के बीच घाट से ब्रिज तक दिखीं कुछ तस्वीरें, जिन पर ध्यान ... हरदा की श्रद्धा बुच गुर्जर ने MPSI 2025 में हासिल की सफलता, बनीं पुलिस उपनिरीक्षक पहले प्रयास में UR... हंडिया : नमामि भारतम् के तहत गूंजा ‘वंदे मातरम्’, 300 प्रतिभागियों ने किया सामूहिक गायन नाबालिग का निजता भंग करने वाला वीडियो प्रसारित करने का आरोप, साइबर जांच शुरू चारखेड़ा में चोरियों की झड़ी, तीन रात में तीन वारदातों से ग्रामीणों में चिंता हंडिया : विसर्जन कुंड तैयार, क्रेन भी पहुंची; श्री रिद्धनाथ घाट पर शुरू हुआ गणपति प्रतिमाओं के विसर्... गणेश उत्सव समिति ने जरूरतमंद मरीजों को किया रक्तदान आज 25/09'2026 का सुविचार : "कठिनाइयाँ आपको रोकने नहीं, बल्कि जगाने आती हैं" कैसा रहेगा आज MP मौसम आज 25 सितंबर 2026 को सोना-चांदी के ताजा रेट

एंबुलेंस नहीं मिली, इलाज में लापरवाही का आरोप-रायसेन में बवाल

रायसेन। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के सुल्तानगंज क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सोमवार रात एक युवक की मौत के बाद भड़के परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव को बीच सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर समय पर डॉक्टर और एंबुलेंस मिल जाती, तो युवक की जान बचाई जा सकती थी।

विवाद के बाद आत्मघाती कदम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम देगुवा निवासी आदित्य शिल्पकार का सोमवार को अपने घर में किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इससे आहत होकर उसने घर के पास स्थित एक आम के पेड़ पर फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की। परिजनों ने उसे फंदे पर झूलते देखा तो तुरंत नीचे उतारा। उस वक्त आदित्य की सांसें चल रही थीं, जिसे लेकर परिजन आनन-फानन में सुल्तानगंज के शासकीय अस्पताल पहुंचे।

- Install Android App -

परिजनों का आरोप: अस्पताल में नहीं थे डॉक्टर
मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब वे आदित्य को लेकर अस्पताल पहुंचे, तो वहां कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। अस्पताल में केवल एक स्टाफ नर्स और दाई ड्यूटी पर थीं। युवक की गंभीर हालत को देखते हुए उसे तत्काल प्राथमिक उपचार की जरूरत थी, लेकिन डॉक्टर के न होने से इलाज शुरू नहीं हो सका। इसके अलावा, उसे उच्च केंद्र (हायर सेंटर) रेफर करने के लिए 108 एंबुलेंस की सुविधा भी समय पर उपलब्ध नहीं हो पाई। उचित उपचार के अभाव में अस्पताल परिसर में ही आदित्य ने दम तोड़ दिया।

बस स्टैंड चौराहे पर प्रदर्शन, थमीं वाहनों की रफ्तार
इलाज में हुई देरी और स्वास्थ्य विभाग की इस लापरवाही से ग्रामीण आक्रोशित हो गए। रात में ही बड़ी संख्या में लोग सुल्तानगंज बस स्टैंड चौराहे पर जमा हुए और युवक का शव हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया। चक्काजाम के कारण सागर-भोपाल मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।

प्रशासन ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
मामले की सूचना मिलते ही वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और शोकाकुल परिजनों को काफी देर तक समझाया। प्रशासन की ओर से दोषियों के खिलाफ सख्त जांच और कार्रवाई का लिखित आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने जाम खोला। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।