jhankar
ब्रेकिंग
बुन्देलखण्डीय कुर्मी क्षत्रिय गौर समाज का त्रैवार्षिक अधिवेशन सम्पन्न : समाज में व्याप्त कुरीतियों प... Big breaking news सिवनी मालवा : तूफान वाहन नहर में गिरा, आधा दर्जन यात्री घायल सभी खंडवा जिले के । Aaj Ka Rashifal: आज दिनांक 10 मार्च 2026 का राशिफल, जानिए आज क्या कहते है आपके भाग्य के सितारे धर्मध... Harda : पत्नी की हत्या के मामले में आरोपी पति को मिली आजीवन कारावास की सज़ा विधानसभा में गलत जानकारी देने पर इंदौर नगर निगम के उपायुक्त सस्पेंड पीएम कुसुम योजना से मध्य प्रदेश में सौर ऊर्जा का विस्तार, किसानों की जमीन पर बनेगी 1000 मेगावाट बिजल... मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों से सुरक्षा की गारंटी वाले टीके का लाभ लेने का किया आहवान हरदा : अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ब्रह्माकुमारीज द्वारा भव्य नारी सशक्तिकरण कार्यक्रम आयोजित हरदा : आदतन नरवाई जलाने वालों पर लगेगा भारी अर्थदण्ड हरदा : निजी स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन 13 मार्च से

कलेक्टर और जिपं सीईओ के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी!  कर्मचारी के बहाली के आदेश पालन नही करने का मामला

हमारे देश मे न्यायालय सबसे ऊपर माना गया है।यहां हर नागरिक के हितो की सुरक्षा का जिम्मा है जहा दोषी अधिकारी नेता कोई भी सजा मिलती है । हाईकोर्ट द्वारा दिए गये कर्मचारी की बहाली के आदेश का पालन नही किये जाने पर आदेश जारी किये गये है।

मकड़ाई एक्सप्रेस 24 इंदौर।हाईकोर्ट द्वारा एक कर्मचारी की बहाली को लेकर दिए गए आदेश का पालन नहीं करने पर धार कलेक्टर सहित दो अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने दिया है। इस आदेश में धार कलेक्टर प्रियांक मिश्र और जिला पंचायत के तत्कालीन सीईओ के शृंगार श्रीवास्तव के खिलाफ गिरफ्तार वांरट जारी करने का आदेश है।

क्या है पूरा मामला

मिली जानकारी के अनुसार मिथुन चौहान ग्राम पंचायत नालछा धार में ग्राम रोजगार सहायक के पद पर पदस्थ था।स्वास्थ खराब होने के कारण मिथुन चौहान एक दिन कार्य पर उपस्थित नहीं हो सका।एक दिन की अनुपस्थिति को कदाचरण बताते मिथुन को पद से हटा दिया गया था।

- Install Android App -

सेवा समाप्ति के आदेश के खिलाफ लगाई याचिका

इस मामले में याचिकाकर्ता के अधिवक्ता प्रसन्ना भटनागर ने बताया कि याचिकाकर्ता मिथुन चौहान ग्राम पंचायत नालछा जिला धार में ग्राम रोजगार सहायक के पद पर पदस्थ था। 25 फरवरी 2017 को स्वास्थ खराब होने के कारण वह एक दिन कार्य पर उपस्थित नहीं हो सका। एक दिन की अनुपस्थिति को कदाचरण बताते हुए, बिना जांच किए और बिना सुनवाई का अवसर दिए उसे हटा दिया गया। जिला कार्यालय के आदेश को चुनौती देते हुए ग्राम रोजगार सहायक ने अपील प्रस्तुत की, लेकिन अपील भी निरस्त कर दी गई। जिसके बाद उसने 2019 में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में रिट याचिका प्रस्तुत की। इसके बाद हाईकोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए 22 अगस्त 2023 को उसकी सेवा समाप्ति के आदेश को निरस्त कर दिया गया था। इसके साथ ही यह आदेश भी दिया गया कि ग्राम रोजगार सहायक को 50 प्रतिशत पिछले वेतन सहित वापस नौकरी पर रखा जाए।

हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया

इस आदेश को चुनौती देते हुए शासन के द्वारा अपील प्रस्तुत की गई, लेकिन 3 जुलाई 2024 को अपील भी निरस्त हो गई। अपील निरस्त होने के बाद भी हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया गया।याचिकाकर्ता ने अवमानना याचिका प्रस्तुत की जिसमें दिनांक 20 सितंबर 2024 को शासन को यह निर्देश दिए कि वह आदेश का पालन करें।

इसके साथ ही 4 अक्टूबर 2024 को न्यायालय के समक्ष उपस्थित रहें। इसके बाद भी आदेश का पालन नहीं किया गया और न ही उक्त दोनों अधिकारी हाईकोर्ट में उपस्थित रहे। इसलिए न्यायालय द्वारा कलेक्टर और मुख्य कार्यपालन अधिकारी के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए गए हैं।