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ज्वालामुखी फटने से 3500 मीटर ऊपर उठी राख

टोक्यो। जापान के क्यूशू द्वीप पर स्थित कागोशिमा शहर में उस वक्त दहशत फैल गई, जब पास ही स्थित देश के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक, सकुराजिमा में अचानक भीषण विस्फोट हो गया। इस विस्फोट के बाद आसमान में 3,500 मीटर की ऊंचाई तक राख और काले धुएं का विशाल गुबार उठा, जिसने देखते ही देखते पूरे शहर को अपनी चपेट में ले लिया। इस खौफनाक मंजर का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ज्वालामुखी से निकलता धुआं और राख शहर को निगलते हुए दिखाई दे रहे हैं। कागोशिमा के निवासियों के लिए यह सुबह किसी डरावने सपने जैसी थी। ज्वालामुखी फटने के कुछ ही घंटों के भीतर पूरे शहर पर राख की मोटी परत जम गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़कें ऐसी नजर आ रही हैं मानो वहां धूसर रंग की बर्फ की चादर बिछ गई हो। हवा में फैली इस महीन राख के कारण लोगों को सांस लेने में भारी कठिनाई हो रही है, जबकि कई नागरिकों ने आंखों में तेज जलन और गले में खराश की शिकायत की है। ज्वालामुखी के मुख (क्रेटर) से दहकती हुई चट्टानें और गर्म पत्थर लगभग 2 किलोमीटर के दायरे में गिरे हैं, जिससे आसपास के जंगलों और रिहाइशी इलाकों में आग लगने का खतरा और दहशत बढ़ गई है।

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जापानी मौसम विज्ञान एजेंसी और स्थानीय प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अलर्ट लेवल-3 जारी कर दिया है। अधिकारियों ने नागरिकों को सख्त हिदायत दी है कि वे बिना किसी आपात स्थिति के घरों से बाहर न निकलें और अपने घरों की खिड़कियां व दरवाजे पूरी तरह बंद रखें। जो लोग अनिवार्य कार्यों के लिए बाहर जा रहे हैं, उन्हें फेफड़ों और आंखों की सुरक्षा के लिए डबल मास्क और सुरक्षा चश्मे पहनने की सलाह दी गई है। सकुराजिमा को जापान का सबसे बड़ा टाइम बम माना जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस ज्वालामुखी की सक्रियता पिछले कुछ महीनों में अप्रत्याशित रूप से बढ़ी है। इस वर्ष अब तक इसमें 15 छोटे-बड़े विस्फोट हो चुके हैं, जो इसके भीतर मची भारी हलचल का संकेत देते हैं। फिलहाल, राख की अत्यधिक मात्रा के कारण शहर का ड्रेनेज सिस्टम और यातायात व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिसे बहाल करने के लिए प्रशासन युद्धस्तर पर प्रयास कर रहा है।