सावधान! अब ‘मिर्च’ के स्वाद में घुला नशे का जहर: जोधपुर से हैदराबाद भेजी जा रही थी करोड़ों की ड्रग्स
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 जोधपुर ।राजस्थान में नशे के सौदागरों ने तस्करी का एक ऐसा हैरान करने वाला तरीका निकाला है जिसने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। अब तक वाहनों के गुप्त केबिन या कपड़ों में ड्रग्स छिपाने की खबरें आती थीं, लेकिन इस बार तस्करों ने जोधपुर के मथानिया और सोयला की मशहूर ‘हरी मिर्च’ का इस्तेमाल कर पुलिस को चकमा देने की कोशिश की।
हरी मिर्च में ‘चीरा’ और ₹5000 की एक मिर्च
जोधपुर से हैदराबाद जा रही एक निजी बस में पार्सल के नाम पर नशे की यह बड़ी खेप भेजी जा रही थी। तस्करों ने मथानिया की मशहूर मिर्चों को बीच से काटकर उनके बीज निकाले और उनमें एमडी (MD) ड्रग्स और स्मैक भरकर उन्हें वापस पैक कर दिया। बताया जा रहा है कि इस तस्करी के खेल में एक-एक मिर्च के भीतर भरी गई ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 5 हजार रुपये तक आंकी गई है।
सतर्क बस ड्राइवर ने ऐसे खोला राज
इस पूरे गिरोह का भंडाफोड़ किसी जांच एजेंसी ने नहीं, बल्कि एक बस ड्राइवर की सूझबूझ से हुआ। बस के सफर के दौरान ड्राइवर को मिर्चों के पार्सल पर कुछ ‘कटे-फटे’ निशान और चीरे दिखे, जिससे उसे शक हुआ। जब उसने पार्सल खोलकर देखा, तो ऊपर सामान्य मिर्चें थीं, लेकिन नीचे रखी मिर्चों के अंदर चमकीले कागज में लपेटकर नशीला पदार्थ भरा हुआ था।
ऑपरेशन ‘त्रिनेत्र’ के तहत NCB की बड़ी कार्रवाई
ड्राइवर ने तुरंत इस घटना का वीडियो बनाया और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को सूचित किया। NCB के जोनल डायरेक्टर घनश्याम सोनी ने बताया कि:
यह पहली बार है जब मिर्च की आड़ में इस तरह की तस्करी का पैटर्न सामने आया है।
एजेंसी अब ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत इस पूरे नेटवर्क को ट्रैक कर रही है।
जोधपुर के मथानिया और सोयला क्षेत्रों से होने वाली पार्सल बुकिंग पर अब विशेष निगरानी रखी जाएगी।
हेल्पलाइन 1933 पर दें सूचना
NCB ने आम जनता से अपील की है कि वे नशे के खिलाफ इस जंग में भागीदार बनें। अगर कहीं भी संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1933 पर सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

