Big news :अमानक खाद बेचने वालों पर बड़ा एक्शन, किसानों की शिकायत पर जबलपुर में 7 विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित
_जबलपुर और मध्य प्रदेश के अन्य जिलों में खाद की कालाबाजारी और अमानक उर्वरकों के खिलाफ हुई कार्रवाई…_
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 जबलपुर।प्रदेश में खाद की किल्लत और कालाबाजारी के खिलाफ राज्य सरकार ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में जबलपुर कृषि विभाग ने किसानों की शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए अमानक (घटिया) और महंगे दामों पर उर्वरक बेचने वाले सात प्रमुख विक्रेताओं के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिए हैं।
किसानों की शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई
पिछले कुछ समय से जबलपुर जिले के किसान खाद की किल्लत और बाजार में ऊंचे दामों पर उर्वरक बेचे जाने की शिकायत कर रहे थे। विभाग को सूचना मिली थी कि कई दुकानदार सरकार द्वारा निर्धारित दरों से अधिक राशि वसूल रहे हैं। इसके साथ ही बेचे जा रहे उर्वरकों की गुणवत्ता भी मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। उप संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने इन शिकायतों की जांच के बाद सख्त कदम उठाए हैं।
इन दुकानों के लाइसेंस हुए सस्पेंड
कृषि विभाग ने जिन सात प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए हैं, वे अब निलंबन अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के उर्वरक का विक्रय नहीं कर सकेंगे। प्रभावित दुकानें इस प्रकार हैं:
मेसर्स जायसवाल कृषि केंद्र, सुकरी
मेसर्स पटेल कृषि केंद्र, धनगाँव (मझौली)
मेसर्स राहुल ट्रेडिंग कंपनी, खितौला (सिहोरा)
मेसर्स दीपक कृषि केंद्र, तलाड़ (मझौली)
मेसर्स श्रीराम कृषि केंद्र, पौड़ा (मझौली)
मेसर्स श्री नर्मदा डिस्ट्रीब्यूटर, पाटन
मेसर्स मैथिली एग्रो ट्रेडर्स, उमरिया (पनागर)
पिछले 3 महीनों में प्रदेश भर में सख्त निगरानी
जबलपुर ही नहीं, बल्कि पिछले 3 महीनों में मध्य प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी अमानक खाद और कालाबाजारी के खिलाफ सघन अभियान चलाया गया है। राज्य के छतरपुर, गुना, राजगढ़, आगर मालवा और विदिशा जैसे जिलों में भी भारी मात्रा में अवैध भंडारण और अमानक खाद जब्त की गई है।
छतरपुर जिले में हाल ही में नकली खाद बनाने की फैक्ट्री पर छापा मारकर एफआईआर दर्ज की गई।
राजगढ़ व आगर मालवा
अधिक दाम पर खाद बेचने और गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन करने पर कई दुकानों को सील किया गया।
गुना राजस्थान सीमा पर अवैध रूप से खाद के परिवहन को रोकते हुए प्रशासन ने सैकड़ों बोरियां जब्त की हैं।
प्रदेश सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि कोई भी विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक पर खाद बेचता है या अमानक सामग्री की सप्लाई करता है, तो उसके खिलाफ ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ (Essential Commodities Act) के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

