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बिग न्यूज़ : सागर में जल संकट और स्वास्थ्य सुरक्षा

निगमायुक्त ने कुओं और हैंडपंपों पर लिखवाया ‘पानी पीने योग्य नहीं

मकड़ाई एक्सप्रेस 24 सागर।नागरिकों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए सागर नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने शहर के जलस्रोतों की सघन जांच के निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान कई स्थानों पर पानी दूषित पाए जाने के बाद, प्रशासन ने असुरक्षित कुओं और हैंडपंपों पर लाल रंग से चेतावनी लिखवा दी है ताकि लोग गंभीर बीमारियों से बच सकें।

पानी में मिली अम्लीय गंदगी, जांच के बाद लिया फैसला

निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड, सीवर प्रोजेक्ट और एमपीयूडीसी के अधिकारियों के साथ जवाहरगंज स्थित शीतला माता मंदिर के पास जलस्रोतों का निरीक्षण किया। मौके पर की गई जांच में पानी की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई और उसमें अम्लीय (Acidic) गंदे पानी की पुष्टि हुई।

जवाहर वार्ड में इन स्रोतों का उपयोग बड़ी संख्या में नागरिक करते हैं, जिसे देखते हुए निगमायुक्त ने तत्काल प्रभाव से वहां “यह पानी पीने योग्य नहीं है” की चेतावनी लिखवाई।

अधिकारियों को सख्त निर्देश: “लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी

निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जब तक किसी भी जलस्रोत की वैज्ञानिक तरीके से लैब टेस्टिंग नहीं हो जाती, तब तक उसे सुरक्षित न माना जाए। उन्होंने अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए:

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सभी संदिग्ध कुओं और हैंडपंपों पर तुरंत लाल रंग से चेतावनी अंकित करें।

जल नमूनों की नियमित जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।

जनस्वास्थ्य से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

राजघाट जलप्रदाय योजना का उपयोग करने की अपील

निगमायुक्त ने नागरिकों से अपील की है कि वे वर्तमान में केवल राजघाट जलप्रदाय योजना के तहत नलों से आने वाले पानी का ही उपयोग पेयजल के रूप में करें। उन्होंने बताया कि इस पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच की जा रही है और यह पूरी तरह शुद्ध व सुरक्षित है।

> “नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जब तक कुओं और हैंडपंपों की गुणवत्ता रिपोर्ट संतोषजनक नहीं आती, तब तक इनका पानी पीने के लिए उपयोग न करें।” — राजकुमार खत्री, निगमायुक्त

फिलहाल नगर निगम को अन्य जलस्रोतों की विस्तृत गुणवत्ता रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।