संत बुखारदास महाराज का आशीर्वाद हुआ फलीभूत, परिवार में 107 साल की बुजुर्ग दादी माँ नर्मदा परिक्रमा वासियों की करती हैं सेवा ! वीडियो भी देखे
मकड़ाई समाचार हरदा। विश्नोई समाज में सभी परिवार अपने भगवान जम्भेश्वर महाराज के 29 नियमों का पालन आजीवन करते हैं।
इसके साथ ही मां नर्मदा की सेवा साधु संतों की सेवा में भी ये हमेशा आगे रहते हैं। इसी कड़ी में आज हम बात करेंगे। जिले के कड़ोला निवासी पंवार परिवार की ,जो अब हरदा जिले की तहसील हंडिया के भमोरी ग्राम में निवास करते हैं।
मां नर्मदा तट के किनारे भमोरी के नजदीक शीतलपुरी में इसी परिवार की बुजुर्ग दादी जिनकी उम्र 107 साल है। वो आज भी नर्मदा परिक्रमा वासियों की सेवा करती हैं।
मकड़ाई एक्सप्रेस की टीम ने बुजुर्ग दादी से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। उनके स्वास्थ्य सेहत के राज , दिनचर्या के बारे में चर्चा की।
बुजुर्ग दादी गीता बाई उम्र 107 वर्ष और उनकी बहन मठरा बाई (100) हाल में शीतलपुरी भमोरी ग्राम में निवासरत हैं। 107 वर्षीय दादी ने बताया कि उनके पति स्वर्गीय रामाधार जी बिश्नोई निवासी कड़ोला के रहने वाले थे।
दादी ने बताया कि वो ग्राम जामली के पोटळयां परिवार से हैं।
◆ संत की वाणी फलीभूत हुई –
दादी ने बताया कि एक बार एक संत बुखारदास बाबा उनके शिष्य ओंकारदास महाराज के साथ हमारे गांव कडोला आए थे। वो हमारे आग्रह पर कुछ देर घर रुके । उस समय उन्होंने मेरे पति से पूछा था कि कितनी संतान हैं । तब रामाधार जी ने बताया कि एक है। उस समय संत बुखारदास जी ने कहा था कि एक के 21 देखेगा । जा ! आशीर्वाद है। संत की वाणी सही निकली। कुछ समय बाद हम लोग नर्मदा किनारे इन पहाड़ियों में भमोरी गांव आ गए।
उसके बाद मैया की सेवा ओर कुछ खेती बाड़ी कर अपना परिवार चलाने लगे। उसके बाद मेरे चार बेटे और दो बेटियां हुई।
एक बेटा भगवान के घर चला गया। दो बेटी भी भगवान के घर चली गई। अब तक पांच पीढ़ी मैने देख ली है।
◆ कैसी है दिनचर्या –
हम लोग भगवान जम्भेश्वर जी के 29 नियमों का पालन करते हैं । सुबह 4 बजे उठ जाती हूं। स्नान, ध्यान कर सुंदर कांड पाठभी प्रतिदिन करती हूं। मां की कृपा से अभी स्वस्थ हूँ ।
एक पैर फैक्चर हुआ था । डॉक्टरों ने कहा था कि इस उम्र में मुश्किल से जुड़ेगा। लेकिन मां की कृपा से जुड़ गया । अब चल फिर कर लेती हूं।


