मकड़ाई एक्सप्रेस 24 रतलाम । भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई में, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मध्य प्रदेश के रतलाम में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) विभाग के सहायक आयुक्त शंकर परमार को गिरफ्तार किया । अधिकारी को 31 मार्च, 2026 को 1.5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया ।
मामले का विवरण
यह कार्रवाई एक स्थानीय फर्म के मालिक की औपचारिक शिकायत के बाद की गई है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि परमार ने उनके व्यवसाय के खिलाफ चल रही जीएसटी कार्यवाही को रोकने के लिए 5 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। बातचीत के बाद, रिश्वत की पहली किस्त 1.5 लाख रुपये तय की गई।
सीबीआई ने बिछाया जाल
व्यापारी की शिकायत के आधार पर, सीबीआई भोपाल की विशेष टीम ने रतलाम स्थित सीजीएसटी कार्यालय में जाल बिछाया। जैसे ही परमार ने चिह्नित करेंसी नोट स्वीकार किए, उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। सहायक आयुक्त के साथ-साथ सुरेश मनसुखानी नामक एक निजी व्यक्ति को भी इस लेन-देन में उसकी भूमिका के लिए मामले में आरोपी के रूप में नामित किया गया है।
सीबीआई टीम की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद, सीबीआई ने अधिकारी और बिचौलिए दोनों के आवासीय और कार्यालय परिसरों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। देर रात चलाए गए इस अभियान के दौरान, जांचकर्ताओं ने कई दस्तावेजों की गहन जांच की और सबूतों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ को रोकने के लिए जीएसटी कार्यालय में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया।
अन्य लोगो पर भी नजर
सीबीआई फिलहाल इस रिश्वतखोरी रैकेट में विभाग के अन्य अधिकारियों की संभावित संलिप्तता की जांच कर रही है। दोनों संदिग्धों को आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किए जाने की संभावना है।

