सहेली ने सहेली को फंसाया, धर्मांतरण और दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक रूहानी कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जिसकी तुलना फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ की पटकथा से की जा रही है। शहर के बागसेवनिया थाना क्षेत्र में दो युवतियों के साथ मित्रता के नाम पर धोखाधड़ी, दुष्कर्म और जबरन धर्म परिवर्तन के प्रयास का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।
दोस्ती की आड़ में रची गई खौफनाक साजिश
पीड़ित युवतियों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत ‘सहेली’ बनकर हुई। मुख्य आरोपियों में से एक युवती ने पहले पीड़ितों से गहरी दोस्ती की और उनका विश्वास जीता। विश्वास जीतने के बाद, उसने पीड़ितों को अपने भाई और अन्य साथियों से मिलवाया। आरोप है कि इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से युवतियों को जाल में फंसाया गया।
दुष्कर्म और जबरन धर्मांतरण का दबाव
पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि दोस्ती के जाल में फंसाने के बाद आरोपियों ने उनके साथ दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। इतना ही नहीं, घटना के बाद आरोपियों ने युवतियों पर अपना धर्म बदलने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से दबाव बनाना शुरू कर दिया। उन पर लगातार धर्म परिवर्तन करने के लिए प्रताड़ना दी जा रही थी, जिससे तंग आकर पीड़ितों ने पुलिस की शरण ली।
पुलिस की कार्रवाई और चार आरोपियों पर केस दर्ज
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बागसेवनिया थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने एक युवती सहित कुल चार लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। सहेली, उसका भाई और दो अन्य साथी।
पुलिस की कार्यवाही और धाराएं
आरोपियो पर दुष्कर्म, जबरन धर्मांतरण का प्रयास और साजिश रचने से संबंधित धाराओं में केस दर्ज।पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है और मामले के अन्य पहलुओं की जांच जारी है।
सुरक्षा और जागरूकता की अपील
भोपाल में सामने आई इस घटना ने शहर में हड़कंप मचा दिया है। सामाजिक संगठनों और पुलिस प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है ताकि “मित्रता” की आड़ में होने वाले ऐसे अपराधों को रोका जा सके। पुलिस का कहना है कि वे इस नेटवर्क की गहराई तक जाएंगे ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस साजिश के पीछे कोई बड़ा गिरोह काम कर रहा है। पुलिस ने पीड़ितों की सुरक्षा और पहचान गोपनीय रखने के निर्देश दिए हैं।

