छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में किडनी फेल से बच्चों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। छिंदवाड़ा के एक और बच्ची की नागपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। छिंदवाड़ा में किडनी फेल होने से बच्चों की मौत का आंकड़ा 10 पहुंच गया है। पिछले 20 दिनों से नागपुर में बच्ची का इलाज चल रहा था, जहां इलाज के दौरान बच्ची ने शनिवार को दम तोड़ दिया।
‘Coldrif’ कफ सिरप पर बैन लगा
छिंदवाड़ा में कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत के मामले में सीएम मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। सीएम ने पूरे प्रदेश में ‘Coldrif’ कफ सिरप को बैन कर दिया है। इसकी बिक्री पर भी प्रतिबंध रहेगा। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करके इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा, ‘छिंदवाड़ा में ‘Coldrif’ सिरप के कारण हुई बच्चों की मृत्यु अत्यंत दुखद है। इस सिरप की बिक्री को पूरे मध्य प्रदेश में बैन कर दिया है। सिरप को बनाने वाली कंपनी के अन्य प्रोडक्ट की बिक्री पर भी बैन लगाया जा रहा है। सिरप बनाने वाली फैक्ट्री कांचीपुरम में है, इसलिए घटना के संज्ञान में आने के बाद राज्य सरकार ने तमिलनाडु सरकार को जांच के लिए कहा था। आज सुबह जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। रिपोर्ट के आधार पर कड़ा एक्शन लिया गया है।’
कफ सिरप को लेकर केंद्र ने जारी की एडवाइजरी
मध्य प्रदेश और राजस्थान में कथित रूप से कफ सिरप से हो रही बच्चों की मौत के बाद भारत सरकार ने एडवाइजरी जारी की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एडवाइजरी में 2 साल से छोटे बच्चों को खांसी और जुकाम की दवा ना देने की बात कही है। इसमें कहा गया है कि 5 साल से छोटे बच्चों को सामान्य रूप से दवा नहीं दी जाती है। दवा के किसी भी तरह के इस्तेमाल के लिए डॉक्टर की सलाह और गाइड लाइन पूरी तरह से फॉलो की जानी चाहिए।

