हंडिया। भगवान सिद्धनाथ महादेव की नगरी नेमावर में आज गुर्जर समाज का विशाल जमावड़ा देखने को मिला, जिसने सामाजिक ही नहीं बल्कि राजनीतिक हलकों में भी हलचल पैदा कर दी। सकल गुर्जर महासभा, मध्य प्रदेश के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में प्रदेश के करीब 30 जिलों से समाजजन, पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं मातृशक्ति की बड़ी भागीदारी रही।
डॉ. अमर सिंह यादव के पूज्य माता-पिता के पुण्य स्मरण में आयोजित यह कार्यक्रम श्रद्धांजलि से आगे बढ़कर समाज की एकजुटता और भविष्य की दिशा तय करने का मंच बन गया। पधारे हुए सभी अतिथियों का डॉ. अमर सिंह यादव एवं बुढ़ाना परिवार द्वारा साल-श्रीफल भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में विशेष रूप से विधायक नारायण पटेल (मांधाता), आर. के. दोगने (हरदा), आर. पटेल रन्हाई, रामकृष्ण दुगाया (अध्यक्ष भुआणा हरदा), हरिप्रसाद मुकाती (अध्यक्ष नया खेड़ा), एडवोकेट आर.के. यादव (हरदा), हरे सिंह मंडलोई (चारमहल अध्यक्ष ओंकारेश्वर), गोविंद पटेल (अध्यक्ष सिंगाजी धर्मशाला), सेवक राम चौहान (जिला अध्यक्ष सकल गुर्जर समाज खंडवा), नवल सिंह यादव (सचिव मध्य प्रदेश),
राजेश परिहार (सहसचिव समिति सिंगाजी), गोविंद बुढ़ाना (अध्यक्ष गुर्जर समाज समिति इंदौर), सुनील गुर्जर (जिला अध्यक्ष इंदौर), हरिओम पटेल (उपाध्यक्ष सकल गुर्जर समाज हरदा), रामनिवास मंडलोई (अध्यक्ष सर्व श्री गुर्जर समाज समिति नेमावर), नारायण सिंह मंडलोई (अध्यक्ष गुर्जर समाज ट्रस्ट खातेगांव),
गणेश बाबा (अध्यक्ष न्याय समिति नेमावर), श्रीमती सेवंती बाई डोडे (सदस्य न्याय समिति नेमावर सतवास), सेवादास पटेल (जिला अध्यक्ष खंडवा), लक्ष्मीनारायण बुढ़ाना (कोषाध्यक्ष एवं संचालक समिति सिंगाजी), मनीष पटेल (जामनेर), डॉ. आर.एन. यादव (खातेगांव), ललित गुर्जर (मंडल अध्यक्ष खातेगांव) सहित समाज की कई प्रमुख हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
मंच से वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि समाज की 13 उप-शाखाओं को एकजुट करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। शिक्षा, संगठन, राजनीतिक भागीदारी और सामाजिक समरसता को मजबूत किए बिना समाज का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। वक्ताओं ने एक स्वर में समाज को संगठित होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
आयोजन को सफल बनाने में संयोजक रमेश गुर्जर (इंदौर) एवं सहसंयोजक शिवप्रसाद माल्या (हरदा) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दोनों पदाधिकारियों के प्रयासों की मंच से सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी समाजजनों ने एकजुट होकर समाज के उत्थान एवं अधिकारों के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का संकल्प लिया। भोजन प्रसादी के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

