हरदा : ई-विकास प्रणाली के माध्यम से उर्वरक वितरण व्यवस्था व नरवाई प्रबंधन पर जिला स्तरीय प्रशिक्षण सम्पन्न
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के लाइव प्रसारण में सहभागिता
कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा शुक्रवार को ई-विकास प्रणाली का प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन पॉलिटेक्निक कॉलेज हरदा के सभागार में किया गया। उप संचालक कृषि श्री जे.एल. कास्दे ने बताया कि जिले के किसानों को समय पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, उर्वरक
वितरण व्यवस्था को पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित बनाने तथा कृषि में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ई-विकास प्रणाली के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में भोपाल स्थित ‘‘क्रीस्प’’ के अधिकारी द्वारा प्रतिभागियों को ई-विकास प्रणाली के संचालन एवं उपयोग के संबंध में विस्तृत जानकारी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम में जिले के पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, सेवा सहकारी समिति के प्रबंधक, विपणन संघ के गोदाम प्रभारी, कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, निजी उर्वरक विक्रेता एवं कृषक भाई उपस्थित थे।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ई-विकास प्रणाली के अंतर्गत किसानों का पंजीयन, उर्वरक स्टॉक की ऑनलाइन प्रविष्टि, उर्वरक वितरण की डिजिटल प्रक्रिया, वास्तविक समय में निगरानी तथा पारदर्शी वितरण व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में बताया गया कि ई-विकास प्रणाली के माध्यम से जिले में उर्वरकों के भंडारण, उपलब्धता एवं वितरण की संपूर्ण प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संचालित किया जा रहा है, जिससे किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने में सुविधा होगी तथा वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी।
कार्यक्रम के दौरान नरवाई प्रबंधन के संबंध में भी विशेष रूप से जानकारी दी गई। किसानों एवं ग्रामीण अमले को फसल अवशेष (नरवाई) को जलाने के स्थान पर उसका वैज्ञानिक प्रबंधन करने, जैसे कृषि यंत्रों के उपयोग, जैविक खाद निर्माण एवं मृदा स्वास्थ्य सुधार के उपायों के बारे में जागरूक किया गया। अधिकारियों ने बताया कि नरवाई जलाने से मिट्टी की उर्वरता में कमी आती है
तथा पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, इसलिए इसका वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपसंचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास श्री जे.एल. कासदे, जिला विपणन अधिकारी श्री योगेश मालवीय, सहायक आयुक्त सहकारिता श्री वासुदेव भदौरिया, उप परियोजना संचालक आत्मा श्री अखिलेश पटेल आदि उपस्थित रहे।
अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण में उपस्थित सभी संबंधित अमले को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में ई-विकास प्रणाली के माध्यम से उर्वरक वितरण व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करें तथा किसानों को नरवाई प्रबंधन के प्रति भी जागरूक करें, ताकि जिले में कृषि व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं किसान हितैषी बनाया जा सके। कार्यक्रम के दौरान ‘‘क्रीस्प’’ टीम द्वारा ई-विकास पोर्टल का लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया गया।
इस दौरान पंजीयन से लेकर उर्वरक वितरण तक की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया। प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों का समाधान विशेषज्ञों द्वारा किया गया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया।

