छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत के मामले में कोल्ड्रिफ कफ सिरप लिखने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी की आज कोर्ट में पेशी हुई। कोर्ट ने मामले में गिरफ्तार डॉक्टर प्रवीण सोनी को 9 दिनों की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया है। शनिवार देर रात परासिया डॉक्टर प्रवीण सोनी को कोतवाली थाना क्षेत्र के राजपाल चौक से गिरफ्तार कर लिया गया था।
डॉक्टर और श्रेषन कंपनी पर दर्ज की गई थी FIR
डॉक्टर और श्रेषन कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। डॉक्टर प्रवीण सोनी ने ही पर्चे में कफ सिरप लिखी थी। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 276 और धारा 105 एवं ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 की धारा 27ए के तहत मामला दर्ज किया गया है। ये कार्रवाई परासिया बीएमओ अंकित सल्लाम की शिकायत पर की गई है।
छिंदवाड़ा जिला पुलिस अधीक्षक अजय पांडेय ने बताया कि BMO अंकित सल्लाम की शिकायत पर श्रेषन फार्मास्यूटिकल्स कांचीपुरम, तमिलनाडु के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। दो अलग-अलग मामलों में शिकायत दर्ज की गई है। इसमें एक साल से लेकर 10 साल और अधिकतम आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।
सिरप कांड में मुख्यमंत्री का एक्शन जारी
मध्य प्रदेश में सिरप कांड में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। मुख्यमंत्री ने मामले में 3 ड्रग अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है, जबकि एक अधिकारी का ट्रांसफर कर दिया है। ज्वाइंट ड्रग कंट्रोलर शोभित कोष्टा, जबलपुर के ड्रग इंस्पेक्टर शरद जैन और छिंदवाड़ा ड्रग इंस्पेक्टर गौरव शर्मा को सस्पेंड कर दिया गया है। जबकि एक जबलपुर के ड्रग कंट्रोलर दिनेश मौर्य का ट्रांसफर किया गया है।

