मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की है कि स्थानीय निकाय के चुनावों में महायुति (महागठबंधन) राज्य भर में अपने उम्मीदवार उतारेगा। वर्धा में भारतीय जनता पार्टी की महामंथन मेलावा (महारैली) को संबोधित करते हुए श्री फडणवीस ने सोमवार को कहा ‘हम महायुति के एक घटक के रूप में ये चुनाव मिलकर लड़ेंगे।’ उन्होंने कहा कि कुछ निर्णय लेने की शक्तियाँ स्थानीय इकाइयों को सौंपी जाएँगी। उन्होंने गठबंधन सहयोगियों से आग्रह किया कि वे आपस में बात चीत करके अपने मतभेद सुलझाएं ताकि जहां तक संभव हो साझा मुकाबला सुनिश्चित किया जा सके। गौरतलब है कि राज्य में सबसे पहले जिला परिषद के चुनाव होने हैं। इसके बाद नगरपालिकाओं और संभवत: नवंबर या दिसंबर में नगर निगम के चुनाव होंगे। उन्होंने कहा ‘हम कुछ फैसलों के लिए स्थानीय स्तर पर अधिकार देंगे। जहाँ गठबंधन संभव न हो वहाँ मुकाबला दोस्ताना होना चाहिए और हमारे सहयोगियों की आलोचना नहीं की जानी चाहिए।’
हालांकि उन्होने साफ किया कि जहां मुद्दे हों वहाँ लोगों को चर्चा करनी चाहिए और जहाँ तक हो सके, महायुति के तहत ही चुनाव लड़े जाने चाहिए। श्री फड़नवीस ने कहा यदि ऐसा संभव नही हों तो भी वहां सहयोगी दलों की आलोचना नहीं की जानी चाहिए। पार्टी कार्यकतार्ओं को आगाह करते हुए उन्होंने गठबंधन में अनुशासन बनाए रखने की अहमियत पर जोर दिया और पिछले अनुभवों से इसकी तुलना की। उन्होंने कहा ‘2017 में उद्धवजी हमारे साथ सत्ता में थे फिर भी हमें रोज गालियाँ देते थे। अब हमें वह गलती नहीं दोहरानी चाहिए।’ मुख्यमंत्री ने गठबंधन की एकता की वकालत करते हुए भाजपा की ताकत पर जोर देने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने पार्टी कार्यकतार्ओं से कहा ‘साझेदारों के साथ तालमेल के बावजूद हमें इन स्थानीय स्वशासन चुनावों में भाजपा का निर्विवाद प्रभुत्व प्रदर्शित करना होगा।’ उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में महायुति संयुक्त उम्मीदवार नहीं उतार रही है वहाँ भाजपा कार्यकतार्ओं को सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने के साथ सुचारू रूप से चुनाव सुनिश्चित कराना चाहिये। मुख्यमंत्री की ये टिप्पणियां स्थानीय चुनावों की तैयारियों के बीच आई हैं जिसमें बड़े दांव लगे हुए है।

