हरदा। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज ओम शांति भवन, हरदा में नशा मुक्ति एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों, युवाओं एवं समाजसेवियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य तंबाकू, शराब एवं अन्य मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा नशामुक्त समाज निर्माण का संदेश देना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीके राजेश भाई ने कहा कि नशा आज समाज के सामने एक गंभीर चुनौती बन चुका है। तंबाकू, शराब, गुटखा, सिगरेट एवं अन्य नशीले पदार्थ व्यक्ति के शरीर, मन और परिवार को खोखला कर देते हैं। नशे के कारण कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारियां, मानसिक तनाव, अवसाद एवं अनेक गंभीर रोग जन्म लेते हैं। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति का ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार की खुशियों, आर्थिक स्थिति एवं सामाजिक सम्मान को भी प्रभावित करता है। राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से व्यक्ति नशे की लत से मुक्ति प्राप्त कर सकता है और आत्मबल को बढ़ाकर सकारात्मक जीवन जी सकता है।
इस अवसर पर सुरेंद्र कौर जी ने कहा कि युवा वर्ग देश का भविष्य है। यदि युवा नशे की गिरफ्त में आ जाते हैं तो उनका जीवन, शिक्षा, करियर एवं परिवार प्रभावित होता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह स्वयं नशे से दूर रहे और अपने परिवार एवं समाज को भी इसके प्रति जागरूक करे। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज ही स्वस्थ, खुशहाल और सशक्त राष्ट्र का आधार बन सकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को बीके किरण बहन द्वारा नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। सभी ने संकल्प लिया कि वे किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करेंगे तथा अपने परिवार, मित्रों एवं समाज को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे।
सामाजिक न्याय विभाग की ओर से उपस्थित संकेत श्रीवास्तव एवं मयंक काले ने प्रतिभागियों को नशा मुक्ति संबंधी जानकारी प्रदान की तथा सभी को प्रमाण-पत्र एवं नशा मुक्ति जागरूकता स्टिकर वितरित किए। उन्होंने बताया कि नशा व्यक्ति की कार्यक्षमता को कम करता है, पारिवारिक कलह बढ़ाता है तथा सड़क दुर्घटनाओं एवं अपराधों का एक प्रमुख कारण भी बनता है।
कार्यक्रम के दौरान नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक नुकसान की विस्तृत जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि तंबाकू एवं धूम्रपान से मुंह, गले एवं फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है, जबकि शराब एवं अन्य मादक पदार्थों का सेवन व्यक्ति की निर्णय क्षमता को कमजोर कर देता है। नशा परिवारों को तोड़ता है, आर्थिक संसाधनों को नष्ट करता है तथा समाज में नकारात्मक वातावरण उत्पन्न करता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने नशामुक्त भारत एवं स्वस्थ समाज के निर्माण हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। उपस्थित लोगों ने इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों को समाज के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया।

