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बुरहानपुर मे पाड़ौ की लड़ाई पर 16 लोगो पर एफ आई आर दर्ज! पारंपरिक पाड़ौ की लड़ाई को देखने उमड़े हजारों लोग

बुरहानपुर।कुछ परम्पराए समय के अनुसार बदलनी चाहिये या बन्द होना चाहिये। देश में कहीं पत्थर  मारना , हिन्गोट, बैलों की लड़ाई, बैलगाड़ी दौड आदि मे पशुओं के साथ क्रूरतापूर्ण परंपरा है जिसमें पशुओं और इन्सान दोनो की जान जाती है।

पाड़ौ की टक्कर आयोजन आज आधुनिक और डिजिटल जमाने में भी लोग ये आयोजन कर रहे है। वर्ष 2024 के आखिरी दिन मंगलवार को नेपानगर के ताप्ती तट में फिर पाड़ों की टक्कर का आयोजन किया गया। जिसमें दर्जनों की संख्या में पाड़े लड़ाए गए।

हजारों की संख्या में दर्शक आए।

इस लड़ाई को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग ताप्ती तट पर जुटे थे। घटना सामने आने के बाद नेपानगर थाना पुलिस ने छह आयोजकों सहित 16 लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और बीएनएस की विभिन्न धाराओं में एफआइआर दर्ज की गई है।

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थाना प्रभारी ज्ञानू जायसवाल के अनुसार आयोजकों ने मेले के लिए अनुमति ली थी, लेकिन वहां पाड़ों की टक्कर करा दी। इसलिए पाड़ा मालिकों के साथ आयोजकों पर भी केस दर्ज किया गया है।

पाड़ौ की लड़ाई रोकने की मांग!

ज्ञात हो कि इस आयोजन से एक दिन पहले एसडीएम नेपानगर को पत्र देकर पाड़ों की टक्कर पर रोक लगाने का आग्रह किया था। इसके बावजूद बेजुबान पशुओं के साथ एक बार फिर क्रूरता की गई। थाना प्रभारी का कहना है कि सूचना मिलने पर पुलिस का एक दल मौके पर पहुंचा था और पाड़ों की टक्कर नहीं कराने के लिए लोगों को समझाया था।

शाहपुर व खकनार में भी हुए आयोजन

पाड़ों की टक्कर के आयोजन इससे पहले शाहपुर व खकनार थाना क्षेत्रों में भी कई स्थानों पर हो चुके हैं। शाहपुर थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा ने सबसे पहले एफआइआर दर्ज करने की शुरूआत की थी। पाड़ों को लड़ाने की यह परंपरा सैकड़ों साल पुरानी है। इसमें पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र से भी पाड़े लाए जाते हैं