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रियल मनी गेम्स बैन के खिलाफ गेमिंग इंडस्ट्री ने लगाई गुहार

नई दिल्‍ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ऑनलाइन स्किल गेमिंग संगठनों ने एक संयुक्त पत्र लिखकर भारत में सभी प्रकार के ‎रियल मनी गेम्स (आरएमजी) पर प्रस्तावित पूर्ण प्रतिबंध के खिलाफ हस्तक्षेप की मांग की है। उद्योग ने चेतावनी दी है कि इस कदम से 400 से अधिक कंपनियां बंद हो सकती हैं और करीब 2 लाख से अधिक नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं। द ऑल इंडिया गेमिंग फेडरेशन (एआईजीएफ), द ई-गेमिंग फेडरेशन (ईजीएफ) और द फेडरेशन ऑफ इंडियन फैंटसी स्पोर्ट्स ने कहा है कि इस तरह का प्रतिबंध उद्योग के लिए ‘सफाए की घंटी साबित होगा। उन्होंने गृह मंत्री से इस मसले पर बैठक का भी अनुरोध किया है। इन संगठनों का मानना है कि यदि वैध कंपनियां बंद होती हैं तो अवैध विदेशी जुआ संचालक और मटका नेटवर्क जैसे असुरक्षित और गैरकानूनी मंचों को बढ़ावा मिलेगा। इससे लाखों भारतीय उपयोगकर्ता असुरक्षित प्लेटफॉर्म की ओर मुड़ सकते हैं। भारत में वर्तमान में लगभग 50 करोड़ गेमर्स हैं और यह क्षेत्र 25,000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित कर चुका है। इस उद्योग की प्रमुख कंपनियों में ड्रीम11, जंगली गेम्स, मोबाइल प्रीमियर लीग, हेड डिजिटल वर्क्स और नजारा टेक्नोलॉजीज शामिल हैं। सरकार ने हाल ही में एक मसौदा विधेयक तैयार किया है, जिसमें सभी ऑनलाइन मनी गेम्स से संबंधित लेनदेन को बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव है। उद्योग का कहना है कि इससे राज्य और केंद्र दोनों के कर राजस्व में कमी आएगी और डिजिटल अर्थव्यवस्था के प्रधानमंत्री मोदी के 1 लाख करोड़ डॉलर के लक्ष्य को भी ठेस पहुंचेगी। ऑनलाइन स्किल गेमिंग संगठनों का आग्रह है कि सरकार इस क्षेत्र को प्रतिबंधित करने के बजाय इसके नियमन और सुधार की दिशा में कदम उठाए।