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गर्मी में ही खुल गए बरगी बांध के गेट, रेलवे में पानी की आपूर्ति होगी सुगम

जबलपुर। इस साल गर्मी में ही बरगी बांध के गेट खोल दिए गए हैं। सामान्य तौर पर बरगी बांध के गेट बरसात में खुलते थे। आम तौर पर बहुत अधिक बारिश होने पर और बांध में ज्यादा पानी जमा होने जाने के बाद बरगी बांध के गेट खोले जाते थे, लेकिन बरगी बांध के पावर प्लांट में एनुअल मेंटिनेस की वजह से वाटर सप्लाई बंद हो गई थी। जिसकी वजह से जबलपुर के नगर निगम और रेलवे में पानी की सप्लाई प्रभावित हो रही थी इसलिए बांध के तीन गेटों को खोला गया है।

नर्मदा की धार अचानक हुई पतली
जबलपुर के वाटर फिल्टर प्लांट और रेलवे के वाटर फिल्टर प्लांट नर्मदा नदी से ही पानी लेते हैं, लेकिन नर्मदा नदी में अचानक पानी की कमी हो गई, इसकी वजह से वाटर फिल्टर प्लांट को मिलने वाला पर्याप्त पानी भी कम हो गया। पश्चिम मध्य रेलवे के प्रशासन ने जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह को इस बात की जानकारी दी है।

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जिला कलेक्टर ने किया बरगी बांध का निरीक्षण
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने खुद मौके पर जाकर बरगी बांध का निरीक्षण किया और देखा कि बरगी बांध में पानी पर्याप्त मात्रा में है, लेकिन बरगी बांध के पास बिजली बनाने के संयंत्र में सालाना मेंटेनेंस का काम किया जा रहा है। इसके चलते प्लांट को बंद कर दिया गया है। इसी संयंत्र से बिजली बनने के बाद जो पानी बचता है उसे नर्मदा नदी में छोड़ दिया जाता है लेकिन प्लांट बंद होने की वजह से पानी भी रोक दिया गया। इसकी वजह से नर्मदा की धार पतली हो गई।

पावर प्लांट के मेंटेनेंस तक खुले रहेंगे गेट
कलेक्टर के कहने पर बरगी बांध प्रबंधन ने तीन गेटों को खोल दिया है। शुरुआत में यह गेट 0.33 मीटर खोले गए हैं। अगर पानी की जरूरत फिर भी पूरी नहीं हुई तो इन्हें 1 मीटर तक खोला जा सकता है। सामान्य तौर पर बरगी बांध के गेट बरसात के महीने में ही खुलते थे। जब बांध में पानी की मात्रा अधिक हो जाती है तो बांध के गेट खोल दिए जाते थे। बरगी बांध में कुल 21 गेट हैं। अभी भी बरगी बांध में पानी की कमी नहीं है इसलिए गेट खोलने से बहुत फर्क नहीं पड़ेगा। जब तक पावर प्लांट का मेंटेनेंस हो रहा है तब तक बांध के गेट खुले रहेंगे।

बरगी बांध से फिलहाल 112 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है इसकी वजह से नर्मदा नदी अपने सामान्य जल स्तर पर बह रही है नर्मदा नदी केवल जबलपुर ही नहीं आगे कई जिलों में पानी का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत है और यदि नर्मदा नदी में पानी कम होता है तो कई स्थानों पर जल संकट खड़ा हो जाता है।