ब्रेकिंग
भारी बारिश से मप्र मे धंसा रेल्वे ट्रेक, मध्यप्रदेश महाराष्ट्र भारी बारिश का कहर आवागमन हुआ बाधित सिवनी मालवा: 11:15 तक मोरघाट माध्यमिक शाला में कोई शिक्षक नही आया विद्यार्थी दीवार कूद कर अंदर खड़े,... Harda news: अज्ञात युवक की लाश मिली ,कड़ोला नदी के पास पुलिस जांच में जुटी ! सावन के पहले सोमवार महाकालेश्वर मन्दिर मे भक्तों की भीड़,  रात 2:30 से खुले मन्दिर के पट मन्दिर प्रश... Aaj Ka Rashifal | राशिफल दिनांक 22 जुलाई 2024 | जानिए आज क्या कहते है आपके भाग्य के सितारे खरगोन बेड़ियां: महिला पर जानलेवा हमला करने वाले फरार आरोपी को बेड़िया पुलिस ने किया गिरफ्तार, भेजा जे... हंडिया : भगवान कुबेर की तपोभूमि पर गुरु आश्रमों में भक्ति भाव व श्रद्धा के साथ मनाया गया गुरु पूर्णि... सदबुद्धि यात्रा (हरदा ब्लास्ट पीड़ित द्वारा हरदा से हंडिया तक) अर्थ ग्रीन इनिशिटेटित के तहत किया गया वृक्षारोपण किया बैंक ऑफ बड़ौदा खातेगांव शाखा में मनाया गया 117 वाँ स्थापना दिवस

Harda News: न्यायाधीश ने किसान का ट्रेक्टर नीलाम होने से बचाया

हरदा : जिला न्यायालय हरदा में सदस्य, मोटर दावा दुर्घटना न्यायाधीश श्री राजेश यादव के न्यायालय में एक बार फिर एक मामले में अनोखा निर्णय दिया गया जिसकी सर्वत्र सराहना की जा रही है। हुआ यह कि ग्राम लोधी ढाना, तहसील रहटगांव के आदिवासी किसान चम्मुलाल पिता लालजी चौहान के विरूद्ध उसके ट्रेक्टर से हुए एक्सीडेन्ट के कारण क्लेम प्रकरण में ₹4,00,000/- राशि अवार्ड की गई थी जिसकी वसूली हेतु निष्पादन प्रकरण न्यायालय में विगत् एक वर्ष से विचाराधीन था। ट्रेक्टर मालिक गरीब आदिवासी था जिसके पास इस ट्रेक्टर के सिवाय एक रूपया भी राशि अदा करने को नहीं थी और ना ही कोई जमीन थी। उसकी रोजी रोटी का एकमात्र सहारा ट्रेक्टर ही था जिसे नीलाम की जाने की कार्यवाही न्यायालय में विचाराधीन थी। साथ ही वह आदिवासी किसान राशि अदा करने में सक्षम नहीं होने के कारण जेल जाने को भी तैयार था।

किन्तु यह मामला जैसे ही प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राजेश यादव के समक्ष आया तो उन्होंने अपनी कार्यशैली के अनुरूप मामले के निराकरण का व्यवहारिक हल सुलझाया और किसान को ₹ 4,00,000/- राशि के बदले में 1,00,000/- की राशि अपने सभी रिश्तेदारों से उधार लेकर चुकाने और बदले में ट्रेक्टर वापस लेकर इस समय चल रहे कृषि कार्य में ट्रेक्टर का उपयोग कर अपनी आय अर्जित करने का सुझाव दिया। चूंकि डिकीधारी श्रीमती सोमताबाई भी आदिवासी किसान ही थी जिसे एक लाख रूपये की राशि लेने हेतु सहमत कर प्रकरण समझौते के आधार पर निराकरण करने के लिये सहमत कर लिया।

इस प्रकिया में दोनों पक्ष के अधिवक्ता कमशः श्री शशिकांत शर्मा, श्री आनंद बण्डावाला एवं श्री राजेश पाराशर ने न्यायालय को पूरा सहयोग किया और अपने विधिक पेशे के लालच की बजाय मानवीयता का परिचय दिया। इस फैसले से डिकीधारी, ऋणी, उनके अधिवक्ता सभी खुश नजर आए और न्यायालय को भी समझौते के आधार पर शीघ्र, सुलभ और सस्ता न्याय प्रदान किये जाने में संतुष्टि का अनुभव हुआ और न्यायालय का कार्य भार कम हुआ।

- Install Android App -

Don`t copy text!