हरदा : मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एच.पी. सिंह ने नागरिकों को सलाह दी है कि उल्टी-दस्त होने पर त्वरित प्राथमिक उपचार लें। त्वरित प्राथमिक उपचार न करने पर गंभीर निर्जलीकरण घातक हो सकता है। इस अवस्था में तुरन्त नजदीकी शासकीय अस्पतालों में उपचार लें। ओ.आर.एस. एवं जिंक के उपयोग से उल्टी-दस्त निर्जलीकरण के प्रकरणों का यथोचित उपचार संभव है।
डॉ. सिंह ने बताया कि दूषित खाद्य पदार्थों से संभावित रोग के नियंत्रण के लिये खाना पकाने वाले पेयजल को उबालकर उपयोग किया जाए एवं खाद्य पदार्थों को ढक कर रखा जाए तथा बासी खाने के उपयोग से बचे। शौच के बाद हाथों को साबुन-पानी से धोया जाए एवं मल-मूत्र के सुरक्षित निपटान की व्यस्था की जाए।
सीएमएचओ डॉ. सिंह ने बताया कि घरेलू पेयजल के शुद्धिकरण के लिये 1/8 चाय के चम्मच अर्थात 0.75 एम.एल. ब्लीचिंग पाउडर से लगभग 4 लीटर पानी की शुद्धि की जा सकती है। ऐसे पानी को लगभग 30 मिनट उपचारित करने के बाद उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होने बताया कि जल की शुद्धि के लिये क्लोरीन टेबलेट का उपयोग भी किया जा सकता है। इसके लिये क्लोरीन की एक टेबलेट को 10 लीटर पानी में पीसकर मिलाया जा सकता है। पानी रखने के बर्तनों को स्वच्छ रखा जाए एवं मच्छरों के प्रजनन की रोकथाम के लिये पानी को नियमित रूप से बदला जाए तथा पात्र को ढक कर रखें।