खातेगांव। उप संभाग के अंतर्गत आने वाली कृषि उपज मंडियो का आकस्मिक निरीक्षण कर किसानों को समय पर भुगतान करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हे।
संयुक्त संचालक मानसिंह मुनिया ने शुक्रवार को खातेगांव -कन्नौद व लोहारदा कृषि उपज मंडी का आकस्मिक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण कृषि उपज मंडियों में पारदर्शिता और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया।
निरीक्षण के दौरान मुनिया ने प्रवेश व्यवस्था, नीलामी प्रक्रिया, तुलाई, लेखांकन, भुगतान प्रणाली और भावांतर योजना के क्रियान्वयन सहित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की। उन्होंने नीलामी स्थल पर किसानों और व्यापारियों से कृषि उपज के वर्तमान भाव, बोली प्रक्रिया की पारदर्शिता तथा भुगतान की समयसीमा पर चर्चा की।
किसानों ने संयुक्त संचालक को अपनी उपज के भुगतान, तुलाई व्यवस्था और भावांतर योजना के लाभ मिलने की स्थिति से अवगत कराया। इस पर मुनिया ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को भुगतान या दस्तावेजी प्रक्रिया में अनावश्यक देरी स्वीकार्य नहीं होगी।
उन्होंने मंडी कर्मचारियों को भावांतर भुगतान योजना के सुचारू संचालन, दैनिक प्रगति की सतत निगरानी, किसानों की शिकायतों के तत्काल निराकरण और पारदर्शी नीलामी व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
गौरतलब है कि खातेगांव मंडी में 24 अक्टूबर से भावांतर भुगतान योजना लागू है। संयुक्त संचालक ने योजना की अब तक की प्रगति रिपोर्ट, किसानों को किए गए भुगतान, लंबित मामलों और दैनिक खरीदी की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने पर जोर दिया। मुनिया ने कहा कि मंडी में किसानों की सुविधा प्राथमिकता है। विभाग समय-समय पर ऐसे निरीक्षण कर सुधार की दिशा में कदम उठाता रहेगा। निरीक्षण के दौरान उज्जैन आंचलिक कार्यालय से अजय जरिया सहायक उपनिरीक्षक ,दीपक श्रीवास्तव सहायक उपनिरीक्षक खातेगांव मंडी सचिव रघुनाथ सिंह लोहिया , हर्षवर्धन सिंह तोमर सहायक उपनिरीक्षक ,सुनील बारवाल, कन्नोद मंडी सचिव विजय मरमट ,निकिता वर्मा, Asi दिलीप भूरिया, Asi गौरीशंकर बिश्नोई ,चंद्रकांत माफीदार ,भगीरथ बाकलीवाल लोहारदा मंडी सचिव सुजानसिह आदि उपस्थित थे।

