Kavad Yatra 2024: उ.प्र. और उत्तराखंड में कावड़ यात्रा के दौरान ठेला और ढाबे मालिक को अपना नाम लिखना होगा
सभी प्रोपराइटर को अपना लाइसेंस, आधार कार्ड रखना होगा –
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 उत्तराखंड : श्रावण मास मे हरिद्वार में कावड़ मेला होता है। इस दौरान यहां पर करोड़ों की संख्या में कावड़ लेने कावड़िए आते हैं। किसी प्रकार की अनहोनी से बचने के लिये जरुरी है, इस सम्बंध मे हरिद्वार के डीएम धीरज गरबियाल ने बताया कि हमने नगर निगम को आदेश दिया है कि जो भी लाइसेंस उनके द्वारा जारी किए जाते हैं। उन लाइसेंस को अस्थाई रूप से ठेला रेडी तथा ढाबा लगाने वाले लोगों को लगाना होगा. क्योंकि हर साल बहुत से अन्य राज्यों से लोग भी यहां पर आते हैं। जिससे यात्रा के दौरान कई प्रकार की घटनाएं देखने को मिली है। इससे बचने के लिए इस प्रकार का फैसला दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में सत्यापन को लेकर कार्रवाई चल रही है। लगातार लोगों का सत्यापन किया जा रहा है।
कांग्रेस ने जताई आपत्ति –
सरकार के इस नियम पर प्रतिक्रिया देते कांग्रेस प्रवक्ता शिशुपाल सिंह ने मीडिया से कहा कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सरकारों ने कावड़ यात्रा के दौरान ठेला रेडी वालों को आदेश दिया है। वह अपने संस्थानों पर अपने नाम पट्टिका लगाएंगे।जिससे उनके धर्म की पहचान हो सके यह सब उसे देश में किया जा रहा है। जिसे धर्मनिरपेक्ष कहा जाता है। ये प्यार मोहब्बत से चलने वाला देश है। यहां नफरत के लिए कोई जगह नहीं है।
प्रदेश की जनता को बेहद लाभ होगा – बीजेपी
भारतीय जनता पार्टी के अनुसार राज्य सरकार ने ठेला रेडी वालों के लिए लाइसेंस अनिवार्य किया है। इससे प्रदेश की जनता को बेहद लाभ होगा। कुछ लोग ठेला रेडी पर गड़बड़ी कर मिलावट वाली सब्जी बेचते हैं। लाइसेंस उनके पास होगा तो वह इस प्रकार के कामों को नहीं करेंगे. इससे प्रदेश की जनता को फायदा होगा। लाइसेंस बनाते समय काफी तरह की जांच पड़ताल की जाती है। इससे लोगों में डर बैठेगा और वह मिलावट का काम नहीं करेंगे।

