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कोटा हादसा: अपनों को खोने का गम और प्रशासन पर उठते सवाल

_कोटा के जवाहर नगर (इंद्रा विहार) इलाके में शनिवार रात हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। एक तीन मंजिला इमारत गिरने से दो घरों के चिराग बुझ गए, जिनमें एक 15 वर्षीय स्थानीय किशोर और एक 20 वर्षीय कोचिंग छात्र शामिल है_

मकड़ाई एक्सप्रेस 24 राजस्थान।प्रदेश के कोचिंग हब के नाम से मशहूर कोटा शहर में शनिवार रात करीब 9:30 बजे तब अफरा-तफरी मच गई, जब तलवंडी-इंद्रा विहार क्षेत्र में एक व्यावसायिक इमारत अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस इमारत के भूतल (Ground Floor) पर एक रेस्टोरेंट संचालित था, जहाँ उस वक्त कई लोग मौजूद थे। मलबे से अब तक 15 लोगों को निकाला गया है, जिनमें से दो की मौत हो गई और 13 घायल हैं।

गहरा सदमा: विधवा मां का सहारा और होनहार छात्र का अंत

इस हादसे ने दो परिवारों को कभी न भरने वाला जख्म दिया है।पहला मामला लक्ष्मण (15 वर्ष) गुजराती कॉलोनी निवासी लक्ष्मण अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। डेढ़ साल पहले पिता को खोने के बाद, वह कपड़े बेचकर अपनी विधवा मां और तीन भाई-बहनों का पेट पाल रहा था। शनिवार रात वह खाना खाने रेस्टोरेंट गया था, जहाँ मलबे में दबने से उसकी जान चली गई।

दुसरे मामले मे आर्यन (20 वर्ष) जो पश्चिम बंगाल का रहने वाला यह छात्र अपनी मां सुचिता के साथ रेस्टोरेंट आया था। आर्यन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी मां गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में उपचाराधीन हैं।

लापरवाही की ‘ड्रिलिंग’: आखिर जिम्मेदार कौन ?

स्थानीय निवासियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने हादसे के लिए सीधे तौर पर निर्माणाधीन गतिविधियों को जिम्मेदार ठहराया है।

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“पास ही एक पुरानी इमारत को तोड़ा जा रहा था और नई नींव के लिए भारी ड्रिलिंग व पाइलिंग का काम चल रहा था। इसकी वजह से मुख्य इमारत में तेज कंपन हो रहे थे, जिसकी शिकायत पहले भी की गई थी।”

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया नींव कमजोर होने और बगल में चल रहे काम के कारण यह ढांचा गिरा है। संभाग आयुक्त अनिल अग्रवाल और कैबिनेट मंत्री हीरालाल नागर ने मामले की तकनीकी जांच के आदेश दिए हैं।

गंभीर घायलों का उपचार और मुआवजे की मांग

हादसे में घायल हुए अन्य लोगों में रेस्टोरेंट मालिक मोहम्मद जहांगीर, शालीन, पूरब और रेस्क्यू टीम का एक सदस्य रॉकी डेनियल शामिल हैं। घायलों का कोटा मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

अभी के ताजा हालात

इस पूरी घटना मे जानकारी के मुताबिक 13 लोग घायल और 5 की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।इधर पुलिस ने जवाहर नगर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सरकारी सहायता की मांग  गुजराती समाज और स्थानीय लोगों ने मृतक लक्ष्मण के परिवार की अत्यंत खराब आर्थिक स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार से विशेष आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग की है।