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शराब कारोबारी ने ब्लैकमेलिंग से तंग आकर किया सुसाइड

इंदौर। इंदौर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शराब ठेकेदार और शोशा पब के मालिक भूपेन्द्र रघुवंशी ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। सोमवार रात उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद परिवारजन उन्हें तुरंत निजी अस्पताल ले गए। हालांकि डॉक्टरों ने काफी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई।

सुसाइड नोट से सामने आई चौंकाने वाली वजह

पुलिस के अनुसार, मृतक द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में आत्महत्या की वजह का खुलासा हुआ है। नोट में लिखा है कि भूपेन्द्र पिछले दो साल से अपनी गर्लफ्रेंड इति तिवारी के साथ रिश्ते में थे, लेकिन बाद में वह उन्हें ब्लैकमेल करने लगी। इति ने उन्हें कई बार रेप केस में फँसाने की धमकी दी, जिससे वे मानसिक दबाव में आ गए।

मुंबई और इंदौर से बढ़ा दबाव

सुसाइड नोट में भूपेन्द्र ने साफ लिखा कि इति तिवारी ने मुंबई और इंदौर दोनों जगह से उन पर लगातार दबाव बनाया। वह यह धमकी देती थी कि यदि उसकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वह गंभीर आरोप लगाकर उनकी जिंदगी बर्बाद कर देगी। इससे भूपेन्द्र लगातार तनाव में रहते थे और खुद को असहाय महसूस कर रहे थे।

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25 लाख रुपये में हुआ था समझौता

नोट में यह भी जिक्र किया गया है कि जब इति इंदौर आई थी, तब उसने काफी हंगामा किया। इस मामले को किसी तरह 25 लाख रुपये में सुलझाया गया। भूपेन्द्र ने लिखा कि अगले ही दिन उन्होंने पूरी राशि चुका दी थी। इसके बावजूद इति का रवैया नहीं बदला और वह रोती-धोती रही, लेकिन दबाव डालना जारी रखा।

दोहरी जिंदगी का आरोप

भूपेन्द्र ने सुसाइड नोट में कहा कि इति लोगों के सामने कुछ और बातें करती थी और निजी तौर पर बिल्कुल अलग बर्ताव करती थी। शुरू में उनका रिश्ता आपसी सहमति से चला था और खर्चे भी उन्हीं के द्वारा उठाए जाते थे। लेकिन बाद में, किसी गलत संगति और बाहरी सपोर्ट मिलने के बाद, इति ने उन्हें पूरी तरह से जकड़ लिया और घर तक में कैद जैसा महसूस कराया।

भूपेन्द्र की अंतिम अपील

सुसाइड नोट के अंत में भूपेन्द्र ने अपने परिवार और दोस्तों के लिए लिखा कि उनकी मौत के बाद किसी को भी परेशान न किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इति उनके बारे में लोगों के सामने गलत बयान देती थी, जबकि सच्चाई उनके कार्ड, पेटीएम और फ्लाइट बुकिंग कराने वाले करण भैया से आसानी से पता लगाई जा सकती है।