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जम्मू के डोडा और किश्तवाड़ में बादल फटा, कई घर और पुल बहे

जम्मू। जम्मू-कश्मीर के डोडा और किश्तवाड़ जिलों में सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात बादल फटने से तबाही मच गई। अचानक आई बाढ़ में 10 से ज्यादा घर और कई पुल बह गए। डोडा जिले में पिछले 24 घंटे में 4 लोगों की मौत हो चुकी है। बाढ़ के चलते एनएच-244 बंद कर दिया गया और वैष्णों देवी की यात्रा रुक गई है। स्कूल कॉलेज में अवकाश घोषित कर दिया गया। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है।

जानकारी अनुसार जम्मू-कश्मीर के डोडा स्थित भलेसा, थाथरी और मरमत इलाकों में बादल फटने से घर ढह गए और बाढ़ में बहने से 4 लोगों की मौत हो गई। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार दो लोगों की मौत घर गिरने के कारण हुई, जबकि दो अन्य की मौत अचानक आई बाढ़ के कारण हुई है। जम्मू-कश्मीर में पिछले तीन दिनों से लगातार रुक-रुक कर भारी बारिश हो रही है। बाढ़ के चलते बटोटे-किश्तवाड़ नेशनल हाईवे (एनएच-244) बंद कर दिया गया है, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। जिला प्रशासन और डिजास्टर रिस्पॉन्स टीम (डीडीएमए) राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। लगातार बारिश से हालात गंभीर बने हुए हैं।

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वैष्णो देवी यात्रा स्थगित
लगातार तेज होती बारिश और खराब मौसम के चलते वैष्णो देवी यात्रा को स्थगित कर दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ दो दिनों के लिए स्कूल-कॉलेजों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। बाढ़ के कारण अनेक सड़कों पर परिवहन और रेल सेवाएं ठप हो गई हैं। जम्मू-श्रीनगर और बटोटे-किश्तवाड़ समेत अनेक नेशनल हाईवे भी बंद हैं।

पूर्व में भी हो चुकी तबाही
इससे पहले 14 अगस्त को किश्तवाड़ जिले के चसोटी गांव में भी बादल फटा था, जिसमें 65 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 200 लोग लापता हो गए थे। यहां पर भी बादल फटने के कारण अचानक बाढ़ आई थी और मचैल माता यात्रा में हिस्सा लेने पहुंचे कई श्रद्धालु, उनकी बसें, टेंट, लंगर और दुकानें बह गई थीं।