केरल। भीषण गर्मी का सामना करना रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। जानकारी के मुताबिक, दक्षिण पश्चिम Monsoon ने केरल तट पर दस्तक दे दी है। स्कायमेट ने यह दावा किया है, हालांकि भारतीय मौसम विभाग यानी IMD की ओर से पुष्टि होने बाकी है। इस मतलब यह है कि इस बार निर्धारित समय से दो दिन पहले ही Monsoon केरल पहुंच गया है। आमतौर पर यहां 1 जून को Monsoon की पहली बारिश होती है। IMD ने अपने पिछले अनुमान में कहा था कि इस बार Monsoon में चार से पांच दिन की देरी हो सकती है।
जानिए देशभर के मौसम का हाल –
स्कायमेट के अनुसार, केरल के तटों पर मानसून के बादल पहले से ही दिखाई देने लगे हैं। 30 मई से केरल में भारी बारिश होने की संभावना है। मानसून का पहले मूसलाधार स्पेल 72 घंटों तक जारी रह सकता है। इसके चलते उत्तरी केरल के कुछ बाढ़ संभावित क्षेत्रों में पानी जमा हो सकता है और बाढ़ जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं।
केरल में आने के साथ मानसून की उत्तरी सीमा यानि एनएलएम का पश्चिमी सिरा तो बढ़ेगा लेकिन पूर्वी सिरा सुस्त रहेगा जिससे तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना समेत पूर्वी तटों पर अभी इंतजार करना पड़ेगा।
1 जून से मुंबई में प्री-मानसून बारिश
इस बीच अरब सागर में बन रहे सिस्टम के कारण मुंबई समेत कोंकण गोवा में जल्द बारिश होगी लेकिन अभी मानसून के लिए प्रतीक्षा करनी होगी। वहीं IMD का अनुमान है कि 1 जून से मुंबई में प्री-मानसून एक्टिविटी शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही IMD ने मुंबई और पालघर से आसपास बारिश और तूफान की चेतावनी भी जारी की है।
स्कायमेट के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण-पूर्वी और उससे सटे मध्य-पूर्वी अरब सागर पर निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की उम्मीद है। अगले 48 घंटों में यह डिप्रेशन बन सकता है। इससे उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और उससे सटे पाकिस्तान पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। एक अन्य चक्रवाती सिस्टम छत्तीसगढ़ और उससे सटे भागों पर है। पश्चिमी राजस्थान से उत्तरी छत्तीसगढ़ तक एक ट्रफ रेखा बनी हुई है।
दक्षिणी असम पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। एक ट्रफ रेखा दक्षिण तमिलनाडु से तेलंगाना तक बना हुआ है। एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र केरल तट से सटे अरब सागर पर है।

