मकड़ाई एक्सप्रेस 24 भोपाल मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग में एक बड़े फर्जी भर्ती घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने जांच में पाया कि करीब 34 शिक्षकों ने नकली डीएड (डिप्लोमा इन एजुकेशन) की अंकसूचियां लगाकर सरकारी शिक्षक की नौकरी हासिल कर ली थी। ये शिक्षक ग्वालियर, मुरैना, शिवपुरी और इंदौर जैसे जिलों में पदस्थ थे और लंबे समय से वेतन भी उठा रहे थे।
एसटीएफ की कार्रवाई
एसटीएफ ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए 8 शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें बृजेश रोरिया, साहबसिंह कुशवाह, महेन्द्रसिंह रावत, रूबी कुशवाह, रविन्द्रसिंह राणा, अर्जुनसिंह चौहान, लोकेन्द्र सिंह और गंधर्व सिंह रावत शामिल हैं। इसके अलावा 26 अन्य संदिग्ध शिक्षकों की जांच जारी है, जिनके खिलाफ जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
संगठित गिरोह का खुलासा
एसटीएफ की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह फर्जीवाड़ा एक संगठित गिरोह द्वारा किया गया था। गिरोह ने न केवल फर्जी डीएड अंकसूचियां बनाईं, बल्कि शिक्षा विभाग से मिलीभगत कर फर्जी सत्यापन रिपोर्ट भी तैयार की। इस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ करने के लिए एसटीएफ ने 5 सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया है।
शिक्षा विभाग में हड़कंप
इस घोटाले के खुलासे के बाद से शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। डीजीपी कैलाश मकवाणा ने इस मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एसटीएफ के डीएसपी प्रवीण सिंह बघेल ने बताया कि जांच में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और गिरोह के मुख्य सरगना की पहचान के प्रयास जारी हैं।

