उज्जैन। सिंहस्थ महापर्व 2028 को भव्य और ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शहर में विकास कार्य युद्ध स्तर पर किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में पवित्र शिप्रा नदी के दोनों तटों पर करीब 29 किलोमीटर लंबे घाटों का व्यापक निर्माण कार्य तेजी से जारी है।
5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु डुबकी लगा सकेंगे
सिंहस्थ महाकुंभ के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन को ध्यान में रखते हुए तैयारी की जा रही है। अनुमान है कि सिंहस्थ में पर्व स्नान पर एक दिन में 5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने उज्जैन आएंगे। ऐसे में श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित स्नान की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस बार 29 km लंबे घाट का निर्माण कराया जा रहा है।
दीवारों पर दिखेगी आध्यात्म की झलक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर किए जा रहे इस निर्माण कार्य का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को बिना किसी असुविधा के स्नान, ध्यान और पूजा-अर्चना की सुविधा प्रदान करना है। इसके साथ ही घाटों को केवल उपयोगी ही नहीं बल्कि आकर्षक भी बनाया जा रहा है। घाटों की दीवारों और संरचनाओं पर ऋषि-मुनियों और देवी-देवताओं के चित्र उकेरे जा रहे हैं, जिससे उज्जैन की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक वैभव भी झलक सके।

