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धान पंजीयन 2024-25: 31 अक्टूबर तक होंगे समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के पंजीयन, जाने पूरी खबर

धान पंजीयन 2024-25: खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए किसान पंजीयन की प्रक्रिया जारी है। सरकार द्वारा किसानों की सुविधा के लिए निर्देश दिए गए हैं कि 31 अक्टूबर 2024 तक किसान अपने पंजीयन और फसल/रकबे में संशोधन कर सकते हैं। ये प्रक्रिया एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से की जा रही है, जिससे किसानों को कोई परेशानी न हो और वे समय पर अपनी फसलों की खरीदी सुनिश्चित कर सकें।

क्या है प्रक्रिया?

सरकार ने यह साफ किया है कि धान की खरीदी के समय किसान को खुद या उनके नामांकित व्यक्ति को खरीदी केंद्र पर बायोमेट्रिक पहचान के साथ उपस्थित होना अनिवार्य है। इसके लिए पंजीयन के दौरान किसान और नामिनी दोनों का आधार नंबर दर्ज किया जाएगा। नामिनी के रूप में किसान के परिवार का सदस्य या करीबी रिश्तेदार ही मान्य होगा।

नामिनी में बदलाव कैसे करें?

यदि किसी किसान को अपने पिछले साल के नामांकित व्यक्ति में बदलाव करना हो, तो यह संशोधन संबंधित समिति के स्तर पर किया जा सकता है। इसके अलावा, जो किसान इस साल पहली बार पंजीयन करवा रहे हैं, उनसे भी नामिनी की जानकारी एकत्रित की जा रही है। इसका मतलब है कि नए किसानों को भी अपने पंजीयन के साथ-साथ नामिनी की जानकारी देना अनिवार्य होगा।

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नए और पुराने किसानों का पंजीयन

इस साल 30 सितंबर तक जिले में कुल 574 नए किसानों ने पंजीयन कराया है, जो एक अच्छा संकेत है कि किसान इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। वहीं, पिछले खरीफ वर्ष में 1,05,558 किसानों का पंजीकृत रकबा, जो कि 1,18,136 हेक्टेयर है, को कैरी फॉरवर्ड कर दिया गया है। हालांकि, कुछ किसान हैं जिनका पंजीयन अभी प्रक्रियाधीन है, लेकिन उन्हें भी जल्द ही कैरी फॉरवर्ड कर दिया जाएगा।

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समय सीमा का रखे ध्यान

सरकार ने यह साफ कर दिया है कि सभी किसान, जिनका नामिनी बदलना है, रकबा में संशोधन करना है, या जिनका नया पंजीयन होना है, वे 31 अक्टूबर 2024 तक अपनी संबंधित समिति में जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसलिए, यदि आप इनमें से किसी भी प्रक्रिया का हिस्सा हैं, तो आपको समय पर अपनी समिति से संपर्क करना चाहिए ताकि किसी भी तरह की समस्या न हो।

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धान विक्रय की प्रक्रिया क्या है?

धान विक्रय के लिए बायोमेट्रिक आधारित प्रणाली लागू की गई है। इसका मतलब है कि किसान या उनके नामिनी को धान खरीदी केंद्र में जाकर अपनी बायोमेट्रिक पहचान करानी होगी। इससे खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी भी तरह की धोखाधड़ी की संभावना कम होगी।

किसानों के लिए जरूरी खबर

इस साल के पंजीयन और धान खरीदी से संबंधित सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी करने का निर्देश दिया गया है। सरकार चाहती है कि कोई भी किसान इस प्रक्रिया से वंचित न रह जाए, इसलिए सभी किसानों से अपील की गई है कि वे समय पर पंजीयन और संशोधन की कार्यवाही करें।

धान की खरीदी को लेकर सरकार द्वारा जारी किए गए ये दिशा-निर्देश किसानों के हित में हैं। अगर आप भी धान बेचने वाले किसान हैं, तो ध्यान रखें कि पंजीयन और संशोधन की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2024 है। समय पर अपनी समिति में जाकर सभी जरूरी कार्यवाही पूरी करें ताकि आप समर्थन मूल्य पर अपनी फसल बेच सकें और सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें।

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