कुवैत से डीजल लेकर ईरान के उत्तरी मार्ग से गुजरा जहाज, 4 मई तक कराची पहुंचने की उम्मीद
मीडिल इस्ट तनाव के बीच सुरक्षित पार हुआ पाकिस्तान का टैंकर
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 दिल्ली। ईरान अमेरिका तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान तनाव और समुद्री नाकेबंदी के बीच पाकिस्तान का एक तेल टैंकर ‘खैरपुर’ कुवैत से डीजल लेकर होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकल गया। ब्लूमबर्ग के शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार यह टैंकर गुरुवार सुबह फारस की खाड़ी से रवाना हुआ और अब दक्षिण की ओर बढ़ते हुए 4 मई तक कराची पहुंच सकता है। जहाज ने लगभग 5,11,000 बैरल डीजल लोड किया है।
ईरान के ‘उत्तरी मार्ग’ का किया इस्तेमाल
सुरक्षा कारणों से पिछले कुछ दिनों में टैंकर ने कई बार निकलने की कोशिश की थी, लेकिन हर बार पीछे हटना पड़ा। इस बार इसने ईरान द्वारा मंजूर किए गए ‘उत्तरी मार्ग’ का इस्तेमाल किया, जो क्युशम और लारक द्वीपों के पास से गुजरता है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे व्यस्त और संवेदनशील समुद्री मार्ग है, जिससे वैश्विक तेल का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है। तनाव के कारण यहां से अब केवल गिने-चुने जहाज ही गुजर रहे हैं, जिनका संबंध ईरान से है।
अमेरिका-ईरान तनाव का असर
अमेरिका ने हाल ही में ईरान के तेल निर्यात पर नाकेबंदी तेज कर दी है और कई जहाजों को रोकने का दावा किया है। वहीं ईरान ने भी जलडमरूमध्य में सुरक्षा बढ़ा दी है। ऐसे में पाकिस्तान के टैंकर का सुरक्षित निकलना कूटनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता के दौरान पाकिस्तान के झंडे वाले 20 तेल टैंकरों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति देने पर सहमति बनी थी। इस घटनाक्रम को वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय कूटनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

