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गैस की कमी से लोगों की मुश्किलें बढ़ीं: सागर में ऑटो-रिक्शा की लंबी लाइनें

सागर। मध्यप्रदेश के सागर में इन दिनों एक अलग ही तस्वीर देखने को मिल रही है। जहां सड़कों पर आमतौर पर दौड़ते ऑटो-रिक्शा नजर आते थे, वहीं अब लंबी कतारों में खड़े ऑटो दिखाई दे रहे हैं। वजह है LPG गैस की भारी किल्लत। एक हफ्ते से ज्यादा समय से गैस की सप्लाई बाधित होने के कारण ऑटो चालकों की रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ा है। कई चालकों को अपने वाहन खड़े करने पड़े हैं और वे इस इंतजार में हैं कि कब गैस मिलेगी और कब फिर से काम शुरू कर पाएंगे।

LPG संकट सागर में क्यों बना बड़ी समस्या
सागर में LPG संकट अब सिर्फ ईंधन की कमी नहीं, बल्कि एक बड़ी आर्थिक और सामाजिक समस्या बनता जा रहा है। शहर में बड़ी संख्या में ऑटो-रिक्शा LPG से चलते हैं, ऐसे में सप्लाई रुकते ही पूरा ट्रांसपोर्ट सिस्टम प्रभावित हो गया है।लगातार कई दिनों तक गैस नहीं मिलने के कारण हालात इतने खराब हो गए कि चालकों को अपने वाहन खड़े करने पड़े। इसका मतलब है कि उनकी रोज की कमाई पूरी तरह बंद हो गई। सागर LPG संकट अब सिर्फ चालकों की परेशानी नहीं, बल्कि आम जनता के लिए भी मुश्किल बन गया है, क्योंकि शहर में आवाजाही के साधन कम हो गए हैं।

पंप पर 3 किलोमीटर लंबी कतारें
रविवार को जैसे ही तिली इलाके के एक पेट्रोल पंप पर LPG टैंकर पहुंचा, खबर तेजी से फैल गई। कुछ ही समय में सैकड़ों ऑटो-रिक्शा वहां पहुंच गए और लंबी कतार लग गई। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि सड़क पर लगभग 3 किलोमीटर लंबी लाइन लग गई। ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हर चालक के मन में एक ही सवाल था क्या उसे गैस मिल पाएगी या नहीं? कई लोग घंटों लाइन में खड़े रहे, लेकिन फिर भी अनिश्चितता बनी रही।

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सीमा तय, फिर भी राहत नहीं
स्थिति को संभालने के लिए पंप प्रबंधन ने हर ऑटो-रिक्शा को अधिकतम ₹700 की गैस देने की सीमा तय की है। इसका उद्देश्य था कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को गैस मिल सके। लेकिन इसके बावजूद समस्या पूरी तरह हल नहीं हो पाई है। मांग ज्यादा है और सप्लाई सीमित, ऐसे में कई चालकों को अब भी इंतजार करना पड़ रहा है। सागर LPG संकट के दौरान यह कदम जरूर जरूरी था, लेकिन यह अस्थायी समाधान ही साबित हो रहा है।

कालाबाजारी के आरोपों ने बढ़ाई चिंता
इस संकट के बीच कुछ चालकों ने आरोप लगाया है कि कुछ जगहों पर LPG की कीमतें मनमाने तरीके से बढ़ाई जा रही हैं। उनका कहना है कि कहीं-कहीं ₹100 प्रति लीटर तक कीमत वसूली जा रही है।हालांकि आधिकारिक तौर पर सप्लाई तय दरों पर ही की जा रही है, लेकिन इस तरह के आरोपों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। सागर LPG संकट में अगर कालाबाजारी सच साबित होती है, तो यह आम लोगों के लिए और बड़ी परेशानी बन सकती है।

ऑटो चालकों की कमाई पर बड़ा असर
LPG की कमी का सबसे ज्यादा असर ऑटो चालकों पर पड़ा है। जिनकी रोज की कमाई इसी पर निर्भर करती है, वे अब कई दिनों से खाली बैठे हैं। कुछ चालकों का कहना है कि अगर यही स्थिति रही, तो उन्हें अपना काम बंद करना पड़ेगा। यह सिर्फ एक अस्थायी समस्या नहीं, बल्कि उनके भविष्य के लिए भी चिंता का विषय बन गई है।