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भाजपा विधायक संजय पाठक पर 443 करोड़ वसूली का दबाव, कलेक्टर का जारी हुआ अंतिम नोटिस

जबलपुर। मध्य प्रदेश की विजयराघवगढ़ विधानसभा से भाजपा विधायक संजय पाठक की मश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। 443 करोड़ रुपए की राशि जमा करने में लेट लतीफी की वजह से विधायक संजय पाठक और उनके परिवार से जुड़ी फर्मों को पहले नोटिस जारी किया गया था। लेकिन, इस पर कोई जवाब नहीं दिया गया और न ही राशि जमा नहीं की गई। अब जबलपुर कलेक्टर न्यायालय ने इस मामले में इन फर्मों को आखिरी मौका के साथ समय समाप्ति नोटिस जारी किया है। यदि इस नोटिस का जवाब नहीं दिया गया तो इसके बाद सख्त कार्रवाई (जुर्माना, संपत्ति कुर्की आदि) हो सकती है।

मामला क्या है?
संजय पाठक और उनके परिवार से जुड़ी फर्मों पर आरोप है कि उन्होंने तय सीमा से काफी अधिक आयरन ओर (लौह अयस्क) का खनन किया। जांच में सामने आया कि करीब 84.57 लाख टन अतिरिक्त खनन हुआ। इसके बदले सरकार को 443 करोड़ 4 लाख 86 हजार रुपए रुपये की राशि वसूलनी है।

तीन फर्मों को जारी किया गया नोटिस

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निर्मला मिनरल्स (परिवार से जुड़ी)
आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन (परिवार से जुड़ी)
पेसिफिक एक्सपोर्टर्स (संचालक: सुमित अग्रवाल) ये सभी फर्म मध्य प्रदेश के सिहोरा क्षेत्र में खनन कार्य कर रही थीं

अभी क्या स्थिति है?
पहले नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया गया। न ही राशि जमा की गई। अब जबलपुर कलेक्टर न्यायालय ने अंतिम मौका (Time Expiry Notice) दिया है
नियम क्या कहते हैं?
नियमों के मुताबिक, खनन के लिए पर्यावरण और सरकारी अनुमति जरूरी होती है। तय सीमा से ज्यादा खनन करना गैरकानूनी है। ऐसी स्थिति में सरकार अतिरिक्त खनन की कीमत के साथ जुर्माना वसूलती है।

जांच कैसे हुई?
मामला पहले स्थानीय स्तर पर नहीं पकड़ा गया । शिकायत के बाद राज्य स्तरीय समिति ने जांच की गई जिसके बाद 2004 से 2017 तक के रिकॉर्ड (उत्पादन, अनुमति, पर्यावरण क्लीयरेंस) की जांच हुई । इसमें बड़े पैमाने पर अनियमितता और अतिरिक्त खनन पाया गया ।

आगे क्या हो सकता है?
अगर फर्में पैसा जमा नहीं करतीं हैं तो संपत्ति जब्त हो सकती है या कानूनी कार्रवाई और केस मजबूत हो सकता है और अगर जवाब देती हैं तो कोर्ट में अंतिम फैसला होगा।