मकड़ाई एक्सप्रेस 24 मौसम।उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से दिल्ली-एनसीआर सहित राजस्थान और मध्य प्रदेश में बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया है। आज रविवार, 1 फरवरी 2026 को सुबह से ही कई इलाकों में झमाझम बारिश और बर्फीली हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है।
दिल्ली-एनसीआर: बारिश के बाद भी प्रदूषण का प्रहार
देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में रविवार तड़के से ही रुक-रुक कर बारिश हो रही है।
IMD का यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटों में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। बारिश के बावजूद दिल्ली का AQI 334 (बहुत खराब) श्रेणी में दर्ज किया गया है। नमी के कारण प्रदूषक तत्व हवा में नीचे जम गए हैं, जिससे स्मॉग और कोहरे का मिला-जुला असर दिख रहा है।
राजस्थान: 3 दिनों तक ओलावृष्टि और ‘मावठ’ का कहर
राजस्थान में इस समय ‘मावठ’ (सर्दियों की बारिश) का असर सबसे ज्यादा है। राजस्थान मे जयपुर, अजमेर, कोटा, भरतपुर और सीकर संभाग में भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि दर्ज की गई है।
आगामी चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार यह स्थिति आगामी 3 दिनों तक बनी रहेगी। जोधपुर और बीकानेर संभाग में भी बादल छाए रहेंगे, जिससे दिन के तापमान में भारी गिरावट आएगी।
मध्य प्रदेश Weather Report: 16 जिलों में बारिश और ओले का अलर्ट
एमपी में भी फरवरी की शुरुआत गीली और ठंडी रही है। पश्चिमी विक्षोभ का सीधा असर प्रदेश के ग्वालियर-चंबल और मालवांचल क्षेत्र में दिख रहा है।
ओलावृष्टि और बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग (IMD Bhopal) ने मध्य प्रदेश के कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है।इन जिलों में ओले गिर सकते हैं: विदिशा, राजगढ़, रतलाम, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर और शिवपुरी में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि (Hailstorm) की संभावना है।
बारिश का अलर्ट
मप्र के कई जिलों मे बारिश की संभावना बताई जा रही है जिसमे ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर कलां, दमोह और सागर में अगले 48 घंटों तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। प्रदेश का सबसे कम तापमान कटनी (करौंदी) में 5.3°C और खजुराहो में 6.0°C दर्ज किया गया है। बारिश के बाद उत्तरी हवाएं चलने से रात के तापमान में 2-4 डिग्री की और गिरावट आ सकती है।
किसानों के लिए सलाह
ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से सरसों और चने की फसलों को नुकसान होने की आशंका है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को तैयार फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है।

